उन्नाव। बिहार थाना क्षेत्र में विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में दर्ज दहेज हत्या के मुकदमे में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज पीड़ित परिवार सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। परिजनों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह से मुलाकात कर नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की।
रायबरेली जनपद के गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र के सतांव निवासी बृजमोहन सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री स्वाती सिंह उर्फ लक्ष्मी का विवाह 1 मई 2021 को बिहार थाना क्षेत्र के नमाखेड़ा मजरा जमीपुर निवासी मयंक विक्रम सिंह उर्फ गोलू के साथ हुआ था।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति और सास मुन्नी सिंह अतिरिक्त दहेज के रूप में ढाई लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर स्वाती के साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था। कई बार समझौते के बाद उसे ससुराल भेजा गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
परिजनों के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को उन्हें सूचना मिली कि स्वाती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। जब परिवार मौके पर पहुंचा तो शव कमरे के फर्श पर पड़ा मिला और गले पर निशान दिखाई दिए। पिता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर पति और सास ने मिलकर उनकी पुत्री की हत्या कर दी तथा मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया।
पुलिस ने पिता की तहरीर के आधार पर पति और सास के खिलाफ दहेज हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोमवार को पीड़ित परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। परिवार का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद नामजद आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है।
वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
