नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर चर्चा में आई व्यंग्य आधारित पहल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके अब एक नए विवाद में घिर गए हैं। सूरत के सूचना अधिकार कार्यकर्ता अमित तिवारी ने अभिजीत दिपके और उनसे जुड़े वित्तीय मामलों की जांच की मांग को लेकर निर्वाचन आयोग, कर अधिकारियों और संबंधित विभागों को पत्र लिखा है।
अमित तिवारी ने सवाल उठाया है कि महाराष्ट्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी होने के बावजूद अभिजीत दिपके की विदेश में उच्च शिक्षा का खर्च किस तरह वहन किया गया। उन्होंने उनके पिता की आय और वित्तीय स्रोतों की जांच की मांग की है।
कपिल सिब्बल के लीगल डिफेंस फंड पर भी जांच की मांग
आरटीआई कार्यकर्ता ने वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की ओर से घोषित किए गए 1 करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड को लेकर भी जांच की मांग उठाई है। उन्होंने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि इस तरह के फंड पर जीएसटी नियम लागू होते हैं या नहीं।
प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए बनाया गया था फंड
दरअसल, नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी हुई थी। प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक लीगल डिफेंस फंड बनाया गया था। इसी क्रम में कपिल सिब्बल ने इस फंड में 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी।
इस घोषणा के बाद फंड की वैधता, टैक्स नियमों और धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अभिजीत दिपके कौन हैं?
अभिजीत दिपके करीब 30 वर्षीय डिजिटल क्रिएटर और पत्रकारिता पृष्ठभूमि से जुड़े व्यक्ति हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स किया है।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कोई पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरू किया गया था। सोशल मीडिया पर इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और यह चर्चा का विषय बन गया।
अभिजीत दिपके के विदेश में अध्ययन और वर्तमान गतिविधियों को लेकर अब वित्तीय पारदर्शिता की मांग उठाई जा रही है। फिलहाल यह मामला जांच और राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
