रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी की टीमों ने रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की।
अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं और बेहिसाब धन के इस्तेमाल से जुड़े मामले की जांच का हिस्सा है। जांच के दौरान यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट से संबंधित परिसरों में भी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, ED की ओर से फिलहाल तलाशी अभियान से बरामदगी या कार्रवाई के नतीजों को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतों को लेकर भी विवाद
इससे पहले रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में 38 इमारतों को लेकर कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। इन इमारतों के निर्माण के लिए स्वीकृत भवन मानचित्र उपलब्ध नहीं होने का मामला सामने आया था।
बताया गया कि लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग की घटना के बाद प्रदेशभर में शिक्षण संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। इसी अभियान के तहत जौहर यूनिवर्सिटी का भी निरीक्षण हुआ था।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यूनिवर्सिटी परिसर की कई इमारतों के स्वीकृत नक्शे उपलब्ध नहीं कराए जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, केवल दो इमारतों के नक्शे स्वीकृत पाए गए, जबकि अन्य 38 निर्माणों को लेकर आवश्यक अनुमतियों का मुद्दा सामने आया।
RDA ने जारी किया था नोटिस
फायर विभाग की रिपोर्ट के बाद RDA ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। 6 जुलाई को दिए गए जवाब में यूनिवर्सिटी की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि संबंधित जमीनें पहले ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में थीं और विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती थीं।
इसके बाद RDA ने कथित अनधिकृत निर्माणों के संबंध में कार्रवाई का आदेश जारी किया।
ED की ताजा कार्रवाई के बाद जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य रिकॉर्ड एक बार फिर जांच के केंद्र में आ गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच एजेंसी की पड़ताल और सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
