10 साल के रक्षा रूपरेखा समझौते की प्रगति की समीक्षा, सैन्य तकनीक और सूचना साझा करने पर जोर
नई दिल्ली/सेबू। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिलीपींस के सेबू में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (ADMM-Plus) से इतर अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के बीच 10 वर्षीय रक्षा रूपरेखा समझौते की प्रगति की समीक्षा की और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में इस बातचीत को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका की मजबूत रक्षा साझेदारी स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। दोनों देशों के बीच सहयोग का उद्देश्य सैन्य तकनीक, सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक तालमेल बढ़ाना है।
भारत और अमेरिका ने अक्टूबर 2025 में 10 वर्षीय रक्षा रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को व्यापक और मजबूत बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी आधार प्रदान करता है।
रक्षा सहयोग को मजबूत करने वाले प्रमुख समझौते
भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। वर्ष 2016 में दोनों देशों ने लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत दोनों देशों की सेनाएं सहमति के अनुसार एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल ईंधन, मरम्मत और अन्य आवश्यक रसद संबंधी जरूरतों के लिए कर सकती हैं।
वर्ष 2018 में हुए कम्युनिकेशंस कम्पैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट (COMCASA) का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सुरक्षित संचार और परिचालन तालमेल को बेहतर बनाना है। इसके बाद अक्टूबर 2020 में बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (BECA) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता रक्षा सहयोग के तहत भू-स्थानिक सूचनाओं और मानचित्र संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है।
ऑस्ट्रेलिया के साथ भी हुई रक्षा संबंधों पर चर्चा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ भी बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा की तथा सैन्य तालमेल बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के मुद्दों पर सार्थक चर्चा की।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत स्वतंत्र, मुक्त और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को विशेष महत्व देता है।
ADMM-Plus में शामिल हुए प्रमुख देश
आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (ADMM-Plus) दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) के 11 सदस्य देशों और उसके आठ संवाद साझेदारों का प्रमुख रक्षा मंच है। इसमें भारत, अमेरिका, चीन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया और रूस शामिल हैं।
इस मंच के माध्यम से सदस्य देश क्षेत्रीय शांति, स्थिरता, रक्षा सहयोग और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर विचार-विमर्श करते हैं। भारत की इन बैठकों में सक्रिय भागीदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
स्रोत: प्रेस सूचना (PS)
