न्यूयॉर्क टाइम्स-सिएना के अंतिम सर्वे में पांच राज्यों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को बढ़त, आयोवा में कांटे की टक्कर; महंगाई और अर्थव्यवस्था बनी मतदाताओं की बड़ी चिंता
वॉशिंगटन। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को लेकर मतदाताओं की नाराजगी और अर्थव्यवस्था को संभालने के तरीके पर असंतोष चुनावी समीकरणों को प्रभावित करता दिखाई दे रहा है। चुनाव से ठीक पहले जारी न्यूयॉर्क टाइम्स और सिएना रिसर्च इंस्टीट्यूट के अंतिम सर्वेक्षण में सात महत्वपूर्ण राज्यों की सीनेट सीटों पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने बढ़त बनाई है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, मिशिगन, टेक्सास, मेन, कंसास और ओहायो में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वियों से आगे हैं। अलास्का में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को मामूली बढ़त मिली है, जबकि आयोवा में मुकाबला लगभग बराबरी का बना हुआ है। इन नतीजों ने सीनेट में बहुमत को लेकर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है।
सात राज्यों में उम्मीदवारों की स्थिति
सर्वेक्षण के अनुसार मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद 53 प्रतिशत समर्थन के साथ रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स (42 प्रतिशत) से आगे हैं। टेक्सास में जेम्स टैलारिको को 50 प्रतिशत और रिपब्लिकन केन पैक्सटन को 43 प्रतिशत समर्थन मिला है।
मेन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ट्रॉय जैक्सन 51 प्रतिशत के साथ रिपब्लिकन सुसान कॉलिन्स (45 प्रतिशत) से आगे हैं। कंसास में एडम हैमिल्टन को 49 प्रतिशत और रिपब्लिकन रोजर मार्शल को 44 प्रतिशत समर्थन मिला है। ओहायो में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार शेरोड ब्राउन 49 प्रतिशत के साथ रिपब्लिकन जॉन हस्टेड (44 प्रतिशत) से आगे हैं।
अलास्का में मैरी पेल्टोला 48 प्रतिशत समर्थन के साथ रिपब्लिकन डैन सुलिवन (46 प्रतिशत) से मामूली बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं आयोवा में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जोश ट्यूरेक को 48 प्रतिशत और रिपब्लिकन एशले हिंसन को 47 प्रतिशत समर्थन मिला है।
ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 38 प्रतिशत
सर्वेक्षण में शामिल सात राज्यों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कामकाज को केवल 38 प्रतिशत संभावित मतदाताओं ने मंजूरी दी। अर्थव्यवस्था और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को लेकर मतदाताओं की चिंता भी सामने आई है। महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों के मुद्दे पर डेमोक्रेटिक पार्टी को रिपब्लिकन के मुकाबले नौ अंकों की बढ़त मिली है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, स्वतंत्र मतदाताओं के बीच भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को सभी सात राज्यों में बढ़त हासिल हुई है। इससे डेमोक्रेटिक पार्टी को चुनाव में अतिरिक्त मजबूती मिलने के संकेत मिले हैं।
आखिरी समय में बदल सकते हैं चुनावी समीकरण
हालांकि सर्वेक्षण में डेमोक्रेट्स की बढ़त के बावजूद चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पिछले एक महीने में अपना मन बनाने वाले मतदाताओं में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को नौ अंकों की बढ़त मिली है। इसके अलावा बड़ी संख्या में मतदाता अभी भी अनिर्णीत हैं। ऐसे में अंतिम समय में मतदान का रुख नतीजों को प्रभावित कर सकता है।
न्यूयॉर्क टाइम्स और सिएना का यह सर्वेक्षण 23 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 के बीच सात राज्यों के 5,708 संभावित मतदाताओं पर आधारित है। सर्वेक्षण में अलग-अलग राज्यों में नमूने के आकार के अनुसार त्रुटि की सीमा भी अलग-अलग रही है। इसलिए सर्वेक्षण के आंकड़ों को चुनाव परिणाम नहीं माना जा सकता।
अमेरिकी सीनेट में बहुमत हासिल करने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी को अपनी मौजूदा सीटें बचाने के साथ रिपब्लिकन के कब्जे वाली कम से कम चार सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी। अब सबकी निगाहें 3 नवंबर को होने वाले मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।
