लेखपाल की भूमिका संदिग्ध, जनहित में भूमि उपयोग की तैयारी


पाटन (उन्नाव)। 13 वर्ष पूर्व आवासीय पट्टों के निरस्त होने के बावजूद सरकारी भूमि पर लगातार कब्जे के प्रयास रुक नहीं रहे हैं। तहसील प्रशासन द्वारा तीन बार अवैध निर्माण ध्वस्त कराए जाने के बाद भी रविवार को अज्ञात लोगों ने फिर से कब्जा करने की कोशिश की। सोमवार को सूचना मिलते ही नगर पंचायत ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटवाया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन और लेखपाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
जानकारी के अनुसार, भगवंतनगर स्थित आरआरबीएन इंटर कॉलेज के सामने बिहार–बक्सर मार्ग पर स्थित कीमती सरकारी भूमि पर वर्ष 2012 में 28 लोगों को आवासीय पट्टे दिए गए थे। अधिकांश पट्टाधारकों ने अब तक न तो कब्जा लिया और न ही मकान बनवाया। बताया जाता है कि करीब एक वर्ष पूर्व इनमें से पांच पट्टाधारकों ने बक्सर निवासी एक भूमाफिया से औने–पौने दामों पर एग्रीमेंट कर लिया था। इसके बाद उक्त माफिया ने इस भूमि के कुछ हिस्से को लाखों रुपये में दो लोगों को बेच दिया, जबकि शेष भूमि की बिक्री के लिए स्थानीय भूमाफियाओं से समझौता किया।
बीते एक वर्ष में अवैध कब्जे की तीन बार कोशिश की गई, लेकिन हर बार तहसील प्रशासन ने निर्माण कार्य ध्वस्त करा दिया। इसके बावजूद भूमाफिया ने रविवार रात चौथी बार फिर से निर्माण शुरू करवा दिया। करीब 10 फुट लंबे कॉलम के ढांचे लगाकर छत डालने का प्रयास किया गया, जो असफल रहा।
सोमवार सुबह नगर पंचायत अध्यक्ष आशीष शुक्ला के पास दर्जनभर पट्टाधारक और स्थानीय लोग पहुंचे और उन पर ही रुपये लेकर कब्जा करवाने का आरोप लगाया। अध्यक्ष ने तत्काल तहसीलदार और एसडीएम से कार्रवाई की मांग की, लेकिन स्पष्ट जवाब न मिलने पर उन्होंने आकस्मिक बोर्ड बैठक बुलाकर मामला रखा। सर्वसम्मति से निर्णय होने के बाद नगर पंचायत की टीम मौके पर पहुंची, जहां भूमाफिया के पुत्र की देखरेख में निर्माण जारी था। करीब दो घंटे की कार्रवाई के बाद नगर पंचायत ने भूमि को कब्जा मुक्त कराया। इस दौरान कस्बे और बाजपेईखेड़ा के एक सैकड़ा से अधिक लोग मौजूद रहे। नगर पंचायत के इस निर्णय की सर्वत्र सराहना हुई।
लेखपाल पर संदेह की सुई
करीब आठ वर्ष से बक्सर क्षेत्र में तैनात रहे लेखपाल संजीव पांडेय की भूमिका पूरे मामले में संदिग्ध बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, तेजतर्रार तहसीलदार अरसला नाज के प्रमोशन के बाद सुनियोजित तरीके से संजीव पांडेय का स्थानांतरण कस्बे में कराया गया। बताया जाता है कि सत्ता-समर्थित भूमाफिया ने लेखपाल को इसी उद्देश्य से नगर पंचायत क्षेत्र में तैनात करवाने की बात कही थी। नगर पंचायत द्वारा अवैध कब्जा हटवाए जाने के बाद अब लेखपाल स्थानीय लोगों के निशाने पर हैं। कस्बेवासियों ने पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की चेतावनी दी है।
भूमि पर जनहित की योजना लाएगी नगर पंचायत
नगर पंचायत अध्यक्ष आशीष शुक्ला ने बताया कि निरस्त किए गए आवासीय पट्टे ग्राम समाज के प्रस्ताव पर जारी हुए थे और अब वह भूमि नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्र में है। उन्होंने कहा कि इस बेशकीमती सरकारी भूमि पर जनहित में किसी स्थायी योजना को लागू कर विवाद को हमेशा के लिए समाप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
