पाटन, उन्नाव। सेंट्रल बार एसोसिएशन की तहसील इकाई ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार यादव के गांव में घूरे की जगह पर कथित अवैध कब्जे और पानी की निकासी बंद किए जाने के मामले में बिहार थाना पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। अधिवक्ताओं ने एसडीएम आनंद कुमार नायक को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि अधिवक्ता राजकुमार यादव के विपक्षी लोगों ने घूरे की जगह पर कथित रूप से कब्जा कर लिया है। इसके साथ ही पानी की निकासी बंद किए जाने से उनके परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में बिहार थाना पुलिस को प्रार्थना पत्र दिए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि मामले में अधिवक्ता को न्याय दिलाने के लिए संगठन ने सख्त रुख अपनाया है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि जब तक अधिवक्ता के विपक्षियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
संगठन के अध्यक्ष विनय कुमार शुक्ला उर्फ बिन्नू बाबू ने आरोप लगाया कि बिहार थाना पुलिस अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई करने के बजाय विपक्षी पक्ष की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता को न्याय मिलने तक तहसील में अनिश्चितकालीन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया है।
अधिवक्ताओं ने एसडीएम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई कराने की मांग की है।
