उन्नाव :आज के दौर में जब राजनीति का अर्थ अक्सर शक्ति प्रदर्शन, चुनावी गुणा-गणित और जातीय ध्रुवीकरण तक सीमित होकर रह गया है, उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो उम्मीद जगाती है। यह तस्वीर है अंकित सिंह परिहार की, जिन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राजनीति का असली और पवित्र उद्देश्य ‘जनसेवा’ ही है।
संकट की घड़ी में बने संबल
मामला भगवंतनगर के ग्राम रायपुर का है, जहाँ के निवासी करुणा शंकर अवस्थी पिछले काफी समय से कैंसर जैसी जानलेवा और कष्टकारी बीमारी से संघर्ष कर रहे हैं। कैंसर न केवल शारीरिक रूप से व्यक्ति को तोड़ देता है, बल्कि मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक कमर भी तोड़ देता है। जब यह बात अंकित सिंह परिहार के संज्ञान में आई, तो उन्होंने बिना किसी देरी के अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया।
परिहार ने न केवल पीड़ित परिवार को सांत्वना दी, बल्कि उनके इलाज के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग का तत्काल प्रबंध भी किया। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने केवल आश्वासन नहीं दिया, बल्कि स्वयं करुणा शंकर अवस्थी के घर पहुँचे। वहाँ उन्होंने अस्पताल में इलाज के लिए जमा की गई राशि की रसीद परिवार को सौंपी और काफी समय उनके साथ बिताया।
दो दशकों का अटूट विश्वास
भगवंतनगर की जनता के लिए अंकित सिंह परिहार कोई नया नाम नहीं हैं। बीते करीब 20 वर्षों से वे इस क्षेत्र की मिट्टी और यहाँ के लोगों के सुख-दुख से जुड़े हुए हैं। उनके लिए राजनीति कोई पेशा नहीं, बल्कि एक मिशन है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अंकित सिंह परिहार ने भगवंतनगर को केवल एक चुनावी क्षेत्र नहीं माना, बल्कि उसे एक परिवार की तरह सींचा है। चाहे किसी गरीब की बेटी की शादी हो, किसी का इलाज हो या गांव की कोई बुनियादी समस्या—उनकी मौजूदगी हमेशा धरातल पर दिखाई देती है।
“सेवा ही जनप्रतिनिधि का असली धर्म”
इस भावुक मुलाकात के दौरान अंकित सिंह परिहार ने राजनीति के वर्तमान स्वरूप पर एक गहरा संदेश दिया। उन्होंने कहा:
“एक जनप्रतिनिधि या सामाजिक कार्यकर्ता का असली धर्म केवल मंचों से भाषण देना नहीं, बल्कि संकट के समय अपने लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना है। जब हमारा कोई अपना पीड़ा में हो, तब राजनीति पीछे छूट जानी चाहिए और केवल मानवता आगे रहनी चाहिए।”
उनका यह कदम इस बात का प्रतीक है कि यदि नेतृत्व में इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता हो, तो राजनीति समाज में सकारात्मक बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम बन सकती है।
क्षेत्र में सराहना की लहर
अंकित सिंह परिहार के इस मानवीय दृष्टिकोण की पूरे भगवंतनगर क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। सोशल मीडिया से लेकर गांव की चौपालों तक, लोग उनके इस कार्य को ‘सच्ची जनसेवा’ का उदाहरण मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आज के समय में जब नेता केवल चुनाव के वक्त नजर आते हैं, अंकित सिंह जैसे व्यक्तित्व का हर समय उपलब्ध रहना एक बड़ी राहत है।
रायपुर ग्राम सहित पूरे क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने करुणा शंकर अवस्थी के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की है और साथ ही इस बात पर संतोष व्यक्त किया है कि उनके क्षेत्र का नेतृत्व एक ऐसे हाथों में है, जिसमें संवेदना और सेवा भाव जीवित है।
राजनीति की नई दिशा
अंकित सिंह परिहार द्वारा कैंसर पीड़ित की मदद करना केवल एक आर्थिक सहयोग मात्र नहीं है, बल्कि यह उस ‘पॉलिटिक्स ऑफ केयर’ (परवाह की राजनीति) की शुरुआत है जिसकी आज भारत को सबसे ज्यादा जरूरत है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए सत्ता से ज्यादा ‘सहानुभूति’ और ‘सक्रियता’ की आवश्यकता होती है।
