उत्तरप्रदेश। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय द्वारा 01 से 30 नवंबर 2025 तक पूरे देश में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) अभियान 4.0 आयोजित किया जा रहा है। यह पहल पेंशनभोगियों के जीवन में सुगमता लाने और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह राष्ट्रव्यापी अभियान ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘ईज ऑफ लिविंग मिशन’ की भावना से प्रेरित है। इसका उद्देश्य 2,000 से अधिक शहरों और कस्बों में दो करोड़ पेंशनभोगियों तक पहुंचना है, ताकि उन्हें जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा घर बैठे मिल सके।
वरिष्ठ अधिकारियों का दौरा
अभियान के तहत श्री रोहित कुमार, वरिष्ठ सलाहकार, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, 6 और 7 नवंबर को क्रमशः गोरखपुर और वाराणसी का दौरा करेंगे। वे भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा आयोजित शिविरों का निरीक्षण करेंगे तथा स्थानीय निकायों और विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा करेंगे।
फेस ऑथेंटिकेशन से बढ़ेगी सुविधा
इस अभियान में आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पेंशनभोगियों को अब बायोमेट्रिक उपकरणों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे अपने स्मार्टफोन से ही घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे।
साथ ही, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की डोरस्टेप डीएलसी सेवा के माध्यम से अति-वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनभोगियों को विशेष सुविधा दी जाएगी।
व्यापक सहयोग से होगा आयोजन
इस अभियान में बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, UIDAI, MeitY, NIC, CGDA, रेलवे और स्थानीय पेंशनभोगी संघों का सहयोग लिया जा रहा है, ताकि देश के सुदूर इलाकों में भी पेंशनभोगियों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा जा सके।
प्रधानमंत्री के विज़न से जुड़ी पहल
पेंशन विभाग का यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने ‘मन की बात’ (24 नवंबर 2024) और संविधान दिवस संबोधन (26 नवंबर 2024) में कहा था कि डिजिटल भारत की नई पहलें वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बना रही हैं।
यह पहल पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल सशक्तिकरण और सुगमता की दिशा में सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
