पाटन, उन्नाव। तहसील बीघापुर मुख्यालय पाटन के अंतर्गत बिहार–मौरावां मार्ग स्थित देवारा मोड़ के पास गंगा एक्सप्रेसवे के चैनेज 460+245 पर स्लीप मार्ग (Slip Road) निर्माण की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ता लगातार 15 अक्टूबर 2025 से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। सोमवार 17 नवंबर को धरने का 32वां दिन रहा, लेकिन अब तक सरकार या यूपीडा की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
धरने के शुरुआती दिनों में यूपीडा के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर किसानों की मांग को लेकर एक पत्र तैयार कर लखनऊ कार्यालय भेजा था। लेकिन किसानों का आरोप है कि अब तक सक्षम अधिकारियों से स्वीकृति नहीं मिली, जिसके चलते आंदोलन और तेज हो गया है।
स्लीप मार्ग से पर्यटन और आवागमन को मिलेगा बड़ा लाभ
किसानों के अनुसार स्लीप मार्ग बनने से बाहरी पर्यटकों को कई ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों तक पहुँचना बेहद आसान हो जाएगा, जिनमें शामिल हैं—
बक्सर स्थित राव रामभगत सिंह का शहीद स्थल
सिद्धपीठ मां चंडिका अंबिका धाम
अमर शहीद अमर बहादुर सिंह का गांव बजौरा
बैसवारा रेलवे स्टेशन
ग्राम केदारखेड़ा स्थित बाबा तिलोकचंद का किला
किसान नेताओं का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के आवागमन को भी सुगम बनाएगा।
नायब तहसीलदार ने लिया ज्ञापन, पर कहा—निर्णय का अधिकार नहीं
15 नवंबर को धरना स्थल पर पहुंचे नायब तहसीलदार विजय रंजन श्रीवास्तव ने किसान यूनियन के पदाधिकारियों से ज्ञापन लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे केवल ज्ञापन लेने आए हैं और इस प्रकरण में निर्णय लेने का अधिकार उनके पास नहीं है। इससे किसानों में भारी नाराजगी बढ़ गई।
