उन्नाव। दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद जिले की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्षों में आतंकी नेटवर्क से जुड़े कुछ मामलों में उन्नाव का नाम सामने आने के बाद यहां के औद्योगिक इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। दही औद्योगिक क्षेत्र में तैनात सुरक्षा कर्मियों और विभिन्न यूनिटों में काम कर रहे श्रमिकों की व्यापक पुनः जांच प्रक्रिया शुरू की गई है।
कश्मीरी मूल के 150 सुरक्षा कर्मियों का सत्यापन तेज
सूत्रों के मुताबिक, मांस निर्यातक यूनिटों में सुरक्षा गार्ड के तौर पर कार्यरत कश्मीरी मूल के लगभग 150 लोगों का बायोडाटा पुलिस ने एकत्र कर लिया है। सभी दस्तावेज संबंधित जिलों को भेजकर उनकी गहन पृष्ठभूमि जांच कराई जा रही है।
एसपी जय प्रकाश सिंह ने दही थाना प्रभारी अवनीश सिंह को निर्देश दिया है कि सभी सुरक्षा गार्डों का दोबारा वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए। इसी क्रम में थाना प्रभारी ने स्लाटर हाउस संचालकों से ताज़ा रिपोर्ट भी तलब की है।
फुटपाथ पर ड्राई फूड बेचने वालों की भी जांच
कश्मीर से आकर उन्नाव में फुटपाथ व बाजारों में ड्राई फूड बेचने वाले लोगों पर भी सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों का कहना है कि उनके आधार कार्ड लेकर स्थायी पते, निवास और आपराधिक रिकॉर्ड का जिलावार सत्यापन किया जा रहा है।
औद्योगिक क्षेत्रों को माना जाता रहा ‘सेफ ज़ोन’
2021 में यूपी एटीएस द्वारा सदर क्षेत्र के कासिम नगर से रोहिंग्या मूल के शाहिद की गिरफ्तारी के बाद से औद्योगिक क्षेत्रों को संदिग्ध तत्वों के लिए सुरक्षित छिपने का स्थान माना जाता रहा है। इससे पहले बीघापुर और गंगाघाट में भी बंग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिक पकड़े जा चुके हैं। इसी कारण इन इलाकों में अब अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
1700 बाहरी श्रमिकों की सूची तैयार, कई की रिपोर्ट लंबित
पुलिस ने अब तक 1700 बाहरी मजदूरों की सूची तैयार कर दस्तावेज संबंधित राज्यों को भेज दिए हैं। बिहार, नेपाल सहित कई प्रदेशों से रिपोर्ट मिल चुकी है, लेकिन बंगाल और असम से करीब सौ श्रमिकों की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं पहुंची है।
सूत्र बताते हैं कि कई श्रमिक अपने बताए पते पर रहते ही नहीं हैं, जिस कारण खुफिया टीमें उन पर विशेष निगरानी बनाए हुए हैं।
