लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक विशाल सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को सूचना निदेशालय के सभागार में जनपदीय एवं मुख्यालय के अधिकारियों की एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विभाग की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने, कार्यप्रणाली में एकरूपता सुनिश्चित करने तथा प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को तथ्यपरक व प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए निदेशक सूचना विशाल सिंह ने कहा कि सूचना विभाग सरकार और जनता के बीच विश्वास का सशक्त सेतु है। सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों को सरल, स्पष्ट, तथ्यपरक और समयबद्ध रूप में जनता तक पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नकारात्मक एवं भ्रामक खबरों पर सतत निगरानी रखते हुए तथ्यों के साथ संतुलित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
निदेशक सूचना ने कहा कि विभाग को अपनी ऊर्जा, आत्मविश्वास और नेतृत्वकारी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करना होगा। सभी अधिकारी अपने-अपने जनपदों में पूरी निष्ठा, निष्पक्षता और समर्पण के साथ कार्य करें तथा प्रचार-प्रसार के सभी माध्यमों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए सरकार के विकास कार्यों का व्यापक प्रचार सुनिश्चित करें। उन्होंने पिछले आठ वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यों की सही और स्पष्ट जानकारी जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति न रहे।
अपर निदेशक अरविन्द कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि जनपदों में हो रहे विकास कार्यों, योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित सक्सेज स्टोरी और लेखों के माध्यम से भी प्रभावी प्रचार किया जाए। उन्होंने जनपदीय कार्यालयों को और अधिक सुव्यवस्थित एवं सुदृढ़ किए जाने की बात कही तथा अधिकारियों से पूर्ण मनोयोग से कार्य करने का आह्वान किया, जिससे आमजन को सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
कार्यशाला में वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी संजय कुमार सिंह ने विभागीय बजट, वित्तीय प्रावधानों और नियमों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सहायक निदेशक चन्द्र मोहन ने उपस्थित सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला का समापन किया।
इस अवसर पर सहायक निदेशक अनुराग प्रसाद, सतीश चन्द्र भारती, जितेन्द्र प्रताप सिंह, चन्द्र विजय वर्मा, अमित यादव सहित जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।
