
पाटन, उन्नाव। आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक प्रसिद्ध तकिया मेला इन दिनों पूरे शबाब पर है। मेले के सरकारी कैंप स्थित सांस्कृतिक मंच पर शनिवार की शाम आयोजित कार्यक्रम भक्ति, वीर रस और लोक गायन से सराबोर रहा। उत्तर प्रदेश सरकार एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, लखनऊ के सहयोग से आयोजित इस संध्या कार्यक्रम में कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रीमंत बच्चनलाल एंड पार्टी, उन्नाव द्वारा की गई। भजन गायक बच्चनलाल ने “श्रीराम सावरिया मेरे” और “तेरे बिन कोई न सहारा मेरा” सहित कई भक्ति गीतों की सशक्त प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया।
इसके पश्चात श्रीमद जय ॐ अवस्थी आल्हा मंडल, उन्नाव द्वारा आल्हा गायन प्रस्तुत किया गया। मंडल के प्रमुख गायक 83 वर्षीय ओंकारनाथ अवस्थी, जो कई प्रदेशों में सम्मानित एवं पुरस्कार विजेता हैं, ने महोबा का ऐतिहासिक वर्णन, भीष्म पितामह की प्रतिज्ञा तथा वर्तमान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आल्हा शैली में प्रस्तुत कर श्रोताओं की जमकर वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में दूरदर्शन कलाकार शत्रोहन यादव एवं प्रसिद्ध आल्हा गायिका शालिनी यादव ने मां शारदा की वंदना तथा “माड़ो की लड़ाई” सहित वीर रस से ओतप्रोत प्रस्तुतियां देकर माहौल को जोश से भर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपजिलाधिकारी/मेलाधिकारी रनवीर सिंह एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद कुमार नायक ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही मेले की बेहतर कवरेज के लिए पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया।
उपजिलाधिकारी रनवीर सिंह ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और समाज व प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता से प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहती है। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह सहयोग की अपेक्षा जताई।
इस मौके पर मेला कार्यक्रम प्रभारी सुनील कुमार दीक्षित, विजय आमीन, अर्दली विजय सिंह, सुधीर मिश्रा, विनोद, मनोज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व क्षेत्रीय दर्शक उपस्थित रहे।
