वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार” अभियान से प्रेरित होकर वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। ‘नमो शक्ति रथ’ के माध्यम से अब जिले की लाखों महिलाओं को घर के पास ही स्तन कैंसर (Breast Cancer) की मुफ़्त स्क्रीनिंग और जांच की सुविधा मिलेगी। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रखर कुमार सिंह ने इस महत्वाकांक्षी योजना की विस्तृत जानकारी साझा की।
अत्याधुनिक “थर्मलाइटिक्स” तकनीक: बिना छुए होगी जांच
नमो शक्ति रथ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अत्याधुनिक तकनीक है। इसमें एआई-पावर्ड थर्मल इमेजिंग तकनीक (थर्मलाइटिक्स) का उपयोग किया गया है। यह पूरी तरह से:
- नॉन-इनवेसिव: बिना किसी दर्द या सुई के।
- रेडिएशन-फ्री: शरीर पर रेडिएशन का कोई खतरा नहीं।
- “नो सी, नो टच”: बिना शारीरिक संपर्क और बिना किसी संकोच के स्क्रीनिंग संभव।
20 वैन, 7.50 लाख महिलाएं और घर-घर पहुंच
वाराणसी के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 20 नमो शक्ति वैन संचालित की जाएंगी।
- कवरेज: वाराणसी की 290 ग्राम पंचायतें, नगर निगम के 92 वार्ड और गंगापुर के 12 वार्ड।
- लक्ष्य: 18 वर्ष से अधिक आयु की लगभग 7.50 लाख महिलाओं तक पहुंच बनाना।
- उद्देश्य: स्तन कैंसर की पहचान अक्सर तीसरे या चौथे स्टेज में होती है, जिसे समय पर स्क्रीनिंग से पहले ही स्टेज पर पकड़कर इलाज सुनिश्चित करना।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का साझा प्रयास
इस पहल का संचालन मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देशन में आईटीवी फाउंडेशन (ITV Foundation) के सहयोग से किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि इस अभियान में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सीएचओ और पंचायत कर्मी अहम भूमिका निभाएंगे। ये टीमें समुदाय में जागरूकता फैलाएंगी और महिलाओं को स्क्रीनिंग स्थल तक लाने में मदद करेंगी।
क्यों जरूरी है यह पहल?
भारत में स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम है, और लगभग 60% मामलों का पता काफी देरी से चलता है। ‘नमो शक्ति रथ’ दूरी, लागत और सामाजिक झिझक जैसी बाधाओं को खत्म कर महिलाओं को गरिमापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। यह मॉडल आने वाले समय में पूरे देश के लिए एक नजीर बन सकता है।
