उन्नाव (डिजिटल डेस्क): जिलाधिकारी गौरांग राठी ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के पेंच कसे। विकास भवन सभागार में आयोजित इस बैठक में स्कूलों की शैक्षणिक स्थिति से लेकर जर्जर भवनों तक की गहन समीक्षा की गई। कार्य में लापरवाही बरतने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) पर डीएम ने सख्त नाराजगी जताई और उनका स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
शिक्षा और उपस्थिति पर जोर
जिलाधिकारी ने नामांकन और बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा करते हुए बीएसए को निर्देशित किया कि पंजीकरण का लक्ष्य हर हाल में पूरा हो। उन्होंने कहा कि शिक्षक अभिभावकों से सीधा संपर्क करें ताकि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ सके। जिन अधिकारियों ने अब तक स्कूलों का निरीक्षण नहीं किया है, उन्हें तत्काल आख्या (रिपोर्ट) देने की चेतावनी दी गई।
मिड-डे मील में पोषण और ‘सहजन’ अभियान
बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए डीएम ने दो टूक कहा कि मिड-डे मील की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सभी विद्यालयों में सहजन (मोरिंगा) के पौधे लगाने का निर्देश दिया, ताकि बच्चों को प्राकृतिक पोषण मिल सके।
जर्जर स्कूलों का होगा कायाकल्प या ध्वस्तीकरण
जर्जर विद्यालय भवनों के मुद्दे पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट नीति अपनाने को कहा:
- ध्वस्तीकरण: जो भवन असुरक्षित हैं, उन्हें तत्काल गिराने की प्रक्रिया शुरू हो।
- मरम्मत: जो भवन ठीक हो सकते हैं, उनका सत्यापन कर काम शुरू कराया जाए।
- नीलामी: नीलामी वाले भवनों का मूल्यांकन PWD से कराकर समय पर प्रक्रिया पूरी की जाए।
कायाकल्प कार्यों में गुणवत्ता की चेतावनी
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बाउंड्री वॉल, टाइल्स, शौचालय और रैम्प जैसे 19 पैरामीटर्स की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा, “गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मानक के अनुरूप ही सभी अवशेष कार्य समय सीमा के भीतर पूर्ण करें।”
एआरपी की रिपोर्ट तलब
अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) की कार्यप्रणाली को लेकर भी डीएम गंभीर दिखे। उन्होंने बीएसए को सभी एआरपी की फीडबैक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृतिराज, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.आर. सिंह, और जिला कृषि अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारी उपस्थित रहे।
