
उन्नाव। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत उद्यमियों को अधिकतम ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को स्वावलंबी बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है।जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को पूंजीगत ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज स्वयं वहन करना होगा, जबकि शेष ब्याज विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विकलांग, भूतपूर्व सैनिक और महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी।उन्होंने बताया कि आवेदनकर्ता की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आईटीआई या तकनीकी योग्यता प्राप्त, पारंपरिक कारीगर, तथा सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही मुद्रा और स्टैंड-अप योजना के लाभार्थी भी इस योजना में आवेदन कर सकते हैं।ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग लगाने के इच्छुक शहरी उद्यमी भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। पात्र उद्यमियों का चयन स्कोर कार्ड प्रणाली के तहत किया जाएगा, जिसमें 100 में से 50 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले आवेदकों के आवेदन बैंक को भेजे जाएंगे। इच्छुक लाभार्थी विभागीय वेबसाइट upkvib.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 2-बाबूगंज, उन्नाव (फोन-0515-2820842) से संपर्क किया जा सकता है।
