नई दिल्ली/देहरादून:
देवभूमि उत्तराखंड में आज भक्ति और अटूट आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इसी के साथ वर्ष 2026 की पावन चारधाम यात्रा का भी औपचारिक शुभारंभ हो गया है।
प्रधानमंत्री ने पत्र के जरिए साझा किए भाव
इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र साझा किया है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यात्रा पर आने वाले सभी भक्तों के कुशल मंगल की कामना करते हुए बाबा केदार से प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखा:
”केदारनाथ धाम और चारधाम की यह यात्रा हमारी आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का दिव्य उत्सव है। इन यात्राओं से हमें भारत की सनातन संस्कृति के दर्शन भी होते हैं।”
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक
पीएम मोदी ने इस यात्रा के आध्यात्मिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा भारत की अटूट आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिबिंब है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह यात्रा देश की शाश्वत विरासत और आध्यात्मिक चेतना को जीवंत करती है।
भक्तों में भारी उत्साह
कपाट खुलने के दौरान केदारनाथ धाम ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चारधाम यात्रा शुरू होने से उत्तराखंड के पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
