लखनऊ। राजधानी के थाना चिनहट और पूर्वी जोन की क्राइम/सर्विलांस टीम ने एक ऐसे हत्याकांड का खुलासा किया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता, जिसे समाज में बेटी का रक्षक माना जाता है, वही उसका भक्षक बन गया। अपनी तथाकथित ‘सामाजिक प्रतिष्ठा’ बचाने के लिए आरोपी पिता ने न केवल अपनी नाबालिग बेटी की गला घोंटकर हत्या की, बल्कि उसकी पहचान मिटाने के लिए चेहरे को तेजाब से जला दिया।
गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा पुलिस को किया गुमराह
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी विजय कुमार चौबे ने बेहद शातिर तरीके से इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। हत्या के बाद खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए उसने थाने में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट (IGRS) भी दर्ज कराई थी। उसका मकसद पुलिस की जांच की दिशा भटकाना था, लेकिन सर्विलांस और क्राइम टीम की मुस्तैदी ने उसकी पोल खोल दी।
झाड़-फूंक के बहाने ले गया और रास्ते में मार डाला
पूछताछ में जो कहानी सामने आई, वह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से भी ज्यादा खौफनाक है:
- साजिश: विजय कुमार अपनी बेटी के व्यवहार और चाल-चलन से नाखुश था। उसे डर था कि इससे समाज में उसकी बदनामी होगी।
- बहाना: वह अपनी बेटी को झाड़-फूंक कराने के बहाने लखनऊ से सुल्तानपुर ले गया।
- हत्या: सुल्तानपुर से लौटते समय बाराबंकी के पास एक सुनसान रास्ते पर उसने अपने दोस्त अब्दुल मन्नान के साथ मिलकर कार के भीतर ही बेटी का गला घोंट दिया।
क्रूरता की हदें पार: तेजाब से जलाया चेहरा
हत्या के बाद आरोपी ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। शव की शिनाख्त न हो सके और पुलिस उसे लावारिस मानकर फाइल बंद कर दे, इसके लिए उसने बेटी के मासूम चेहरे पर तेजाब डाल दिया। इसके बाद शव को शारदा नहर के पास फेंक कर फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी पूर्वी जोन ने बताया कि टीम ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कड़ियाँ जोड़ीं। जब विजय कुमार से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी पिता और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।
“सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर किया गया यह अपराध जघन्य है। आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।” – पुलिस प्रवक्ता
ब्यूरो रिपोर्ट, लखनऊ RY NEWS
