उन्नाव (पाटन)। उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को विकास खण्ड बीघापुर स्थित ब्लॉक संसाधन केन्द्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) शुचि गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया।
माँ सरस्वती के पूजन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ की गई। इस दौरान वातावरण भक्तिमय और उत्साह से भर गया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान
शिक्षा विभाग में अपना बहुमूल्य योगदान देने वाली बीघापुर ब्लॉक की 25 महिला कर्मियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशस्ति पत्र एवं क्राउन पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारी शामिल रहीं:
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श्रेणी |
संख्या |
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सहायक अध्यापिकाएं |
15 |
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शिक्षामित्र |
04 |
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प्रधानाध्यापिकाएं |
02 |
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रसोइयां |
02 |
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अनुदेशक |
01 |
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सहचर |
01 |
वक्ताओं ने रखे विचार
कार्यक्रम का कुशल संचालन अंजली झा, लुबना फारूकी एवं गरिमा गुप्ता ने किया। बालिका शिक्षा के महत्व पर शालू, आकांक्षा सिंह, आंचल धवन और सावित्री देवी सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। वहीं, एआरपी दुर्गेश कुमार शुक्ल, योगेश और मनीषा अवस्थी ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए समाज में महिलाओं की सशक्त भागीदारी पर बल दिया।
”हमारा लक्ष्य समाज में बिना किसी भेदभाव के बेटियों को आगे बढ़ाना है। बेसिक शिक्षा विभाग में महिला सशक्तिकरण की यह पहल बालिका नामांकन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।”
— शुचि गुप्ता, खण्ड शिक्षा अधिकारी
संदेश: भेदभाव मुक्त समाज का निर्माण
कार्यक्रम के समापन पर बीईओ ने सभी शिक्षिकाओं और अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बालिकाओं के नामांकन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें और उन्हें समाज में बराबरी का हक दिलाने के लिए प्रेरित करें। इस आयोजन ने न केवल शिक्षिकाओं का मनोबल बढ़ाया, बल्कि शिक्षा विभाग में महिला सशक्तिकरण की एक नई इबारत भी लिखी।
ब्यूरो रिपोर् : RUDRA YUKTI NEWS
