नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम 4 बजे सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति, प्रशासनिक सुधारों और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, विकास परियोजनाओं की समीक्षा करना और आने वाले वर्षों के लिए प्राथमिकताओं को तय करना है। प्रधानमंत्री पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी सरकार का लक्ष्य देश को आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है।
बैठक में देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और हालिया सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर पर भी चर्चा हो सकती है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अर्थव्यवस्था की बेहतर गति, घरेलू मांग में बढ़ोतरी और सरकारी पूंजीगत व्यय को विकास के प्रमुख आधार के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत उपभोग और निवेश गतिविधियों ने आर्थिक विकास को नई गति दी है।
इससे पहले मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा था कि आम नागरिकों का जीवन आसान बनाना और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने मंत्रियों से विकास, सुशासन और जनकल्याण को केंद्र में रखकर कार्य करने का आह्वान भी किया था।
माना जा रहा है कि मंगलवार की बैठक में इन्हीं प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि विकसित भारत 2047 के विजन को निर्धारित समयसीमा के भीतर साकार किया जा सके।
