सात दिवसीय श्री शिवदीप शिव महापुराण कथा का भव्य समापन, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी किया कथा श्रवण
पाटन, उन्नाव। तहसील बीघापुर क्षेत्र के गौरी गांव में आयोजित सात दिवसीय श्री शिवदीप शिव महापुराण कथा का गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को कर्म, भाग्य, संस्कार और जीवन में सकारात्मक सोच का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य का भाग्य उसके कर्मों से बदलता है। आशीर्वाद केवल आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है, लेकिन सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम और प्रयास जरूरी हैं।
कथा के दौरान भगवान शिव और मां पार्वती के संवाद के माध्यम से दो मित्रों की प्रेरक कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि दोनों मित्रों ने फैक्ट्री स्थापित करने के बाद गुरु से तरक्की का आशीर्वाद मांगा। आशीर्वाद मिलने के बाद एक मित्र मेहनत से दूर हो गया, जबकि दूसरे ने निरंतर परिश्रम जारी रखा। समय बीतने पर मेहनत छोड़ने वाला मित्र कारोबार में पिछड़ गया, जबकि परिश्रम करने वाले मित्र ने सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि केवल आशीर्वाद मांगने से जीवन नहीं बदलता, बल्कि उसके अनुरूप कर्म करना भी आवश्यक है।
कुएं में गिरे मेंढकों की कथा सुनाकर उन्होंने नकारात्मक सोच से दूर रहने की सीख दी। कहा कि जब कुछ मेंढक कुएं से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे तो दूसरे मेंढक उनका मनोबल गिरा रहे थे। इसके बावजूद एक मेंढक लगातार प्रयास करता रहा और आखिरकार बाहर निकल गया। वह बहरा था, इसलिए उसे किसी की हतोत्साहित करने वाली आवाज सुनाई नहीं दी। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के दौरान बाधाएं और निराश करने वाले लोग मिलते हैं, लेकिन व्यक्ति को दूसरों की नकारात्मक बातों की परवाह किए बिना अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने पारिवारिक संस्कारों पर जोर देते हुए कहा कि बेटी का विवाह धनवान परिवार के बजाय संस्कारवान परिवार में करना चाहिए, जहां उसे सम्मान मिले। लक्ष्मी ऐसे व्यक्ति को देनी चाहिए जो उसका सदुपयोग कर सके। इसी प्रकार गाय भी ऐसे व्यक्ति को सौंपनी चाहिए जो उसकी सेवा और देखभाल करे। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौशालाओं में जाकर गोसेवा करने का आह्वान किया।
कथा आयोजक अरुण सिंह के परिवार की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कार परिवार के बुजुर्गों से आते हैं। आयोजन में परिवार के सदस्यों ने जिस तरह सहयोग और सेवाभाव का परिचय दिया, वह उनके पारिवारिक संस्कारों को दर्शाता है। उन्होंने कथा के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले स्थानीय प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों और सफाई कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के पत्रों का उल्लेख करते हुए शिव आराधना से जुड़े अनुभव भी साझा किए। कानपुर की पुष्पा अवस्थी के पत्र के अनुसार उनके भाई को विवाह के 30 वर्ष बाद संतान सुख प्राप्त हुआ। वहीं प्रमिला दुबे के पत्र का उल्लेख करते हुए उनके पुत्र सचिन दुबे के असिस्टेंट कमिश्नर पद पर चयन की जानकारी दी। शाहजहांपुर की सरोज सिंह और सोनी कश्यप ने भी शिव सेवा से स्वास्थ्य लाभ मिलने के अनुभव साझा किए।
समापन अवसर पर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी कथा श्रवण किया। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण की कथा जीवन को नई दिशा देती है। पंडित प्रदीप मिश्रा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। श्रद्धालुओं को कथा सुनने के साथ उसकी शिक्षाओं को अपने जीवन में भी आत्मसात करना चाहिए।
इस अवसर पर सदर विधायक पंकज गुप्ता, नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी, नक्षत्र भान सिंह, राहुल सिंह, सुंदरलाल बाजपेई, योगेश बाजपेई, बैजनाथ सिंह, मुन्ना सिंह और मनीष जायसवाल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
