उन्नाव। भगवन्तनगर विधानसभा क्षेत्र के सिकंदरपुर कर्ण ब्लॉक अंतर्गत ग्राम खुटहा नौगवां में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे सुशील गुप्ता का मंगलवार को जिला अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनकी मौत के साथ ही तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया भी उठ गया।
जानकारी के अनुसार, सुशील गुप्ता की पत्नी कुसुम का करीब चार वर्ष पहले निधन हो चुका था। अब परिवार में 13 वर्षीय पुत्र एस. गुप्ता, 11 वर्षीय पुत्र अंश गुप्ता और 6 वर्षीय पुत्री प्रतीक्षा ही रह गए हैं। परिवार के पास न तो खेती-बाड़ी है और न ही कोई स्थायी आय का साधन। सुशील छोटे-मोटे कार्य कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, लेकिन लंबी बीमारी के चलते आर्थिक स्थिति पूरी तरह कमजोर हो गई थी।
इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही समाजसेवी एवं पुष्प फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने अपनी टीम के सदस्य राघवेंद्र सिंह, कमलेश यादव तथा सामाजिक चिंतक गोल्डी कुलदीप सिंह के साथ शुक्लागंज श्मशान घाट पहुंचकर पूरे विधि-विधान से सुशील गुप्ता का अंतिम संस्कार कराया।
इस अवसर पर पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि तीनों अनाथ बच्चों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए जो भी सहयोग आवश्यक होगा, वह और उनकी संस्था पूरी जिम्मेदारी के साथ करेंगे। उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे के सपनों और शिक्षा में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
इस मार्मिक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। पहले मां और अब पिता को खो चुके तीनों मासूम बच्चों की स्थिति देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने भी समाज के सक्षम लोगों से इन बच्चों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की है।
