नई दिल्ली। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने इंडिया-US फोरम 2026 में भारत और अमेरिका के संबंधों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और रणनीतिक सहयोग समेत कई क्षेत्रों में साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां और जटिलताएं भी मौजूद हैं।
जयशंकर ने कहा कि भारत जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ेगा, उसके हित भी अधिक व्यापक और विविध होते जाएंगे। ऐसे में बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया तेजी से बदलाव और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। इस परिस्थिति में भारत को अपनी रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) बनाए रखते हुए विभिन्न देशों और क्षेत्रों के साथ संतुलित एवं मजबूत संबंध विकसित करने चाहिए।
विदेश मंत्री ने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (Multipolar World Order) की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों, रणनीतिक स्वायत्तता और बहुध्रुवीयता के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए वैश्विक स्तर पर अपने साझेदारी संबंधों को और मजबूत करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते आने वाले वर्षों में और अधिक महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं तथा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर लगातार उभर रहे हैं। हालांकि, इन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए बदलती वैश्विक चुनौतियों और जटिलताओं को समझना भी उतना ही आवश्यक है।
इंडिया-US फोरम 2026 में जयशंकर के संबोधन को भारत की विदेश नीति और वैश्विक रणनीति के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Source -PBSHABD
