सरोजनी नगर, लखनऊ
राजधानी के सरोजनी नगर प्रथम वार्ड अंतर्गत अमौसी गांव के ‘चाकोलिया टोला’ में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। विकास के दावों के बीच यहाँ की जनता पिछले दो वर्षों से भीषण जलभराव की समस्या से जूझ रही है, लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बाद भी समाधान शून्य है।
मस्जिद जाने वाले नमाजी और स्कूली बच्चे बेहाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव वाला यह रास्ता तीन मुख्य मार्गों को जोड़ता है। रास्ते में पानी भरा होने के कारण मस्जिद जाने वाले नमाजियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग इस गंदे पानी में फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।
यही नहीं, बच्चों की शिक्षा पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। जलभराव की वजह से बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुँच पाते और अक्सर उन्हें देरी होने के कारण स्कूल से वापस भेज दिया जाता है।
डेंगू और मलेरिया का मंडरा रहा खतरा
क्षेत्र में जमा गंदा पानी अब बीमारियों का घर बन चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में संक्रमण रोगों का खतरा बढ़ गया है। डेंगू और मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियाँ पैर पसार रही हैं, जिससे जनता में दहशत का माहौल है।
जनप्रतिनिधियों और नगर निगम ने फेरा मुंह
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर क्षेत्रीय सभासद, नगर निगम के अधिकारियों समेत विधायक और सांसद तक को दर्जनों बार अवगत कराया, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। सत्ता के गलियारों में चक्कर काटने के बाद भी जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों की सरकार से अपील
थक-हारकर अब अमौसी गांव की जनता ने सरकार से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही जल निकासी का पुख्ता समाधान नहीं किया गया, तो संक्रमण की स्थिति और भयावह हो सकती है।
- स्थान: चाकोलिया टोला, अमौसी गांव (सरोजनी नगर प्रथम वार्ड)
- समस्या: 2 साल से जलभराव और संक्रमण रोगों का खतरा।
- प्रभाव: नमाजियों, स्कूली बच्चों और आम राहगीरों को भारी परेशानी।
- मांग: तत्काल जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था।
रिपोर्ट: समशाद सिद्धिकी (RY NEWS)
