सिद्धौर, बाराबंकी। जनपद के जैदपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नगर पंचायत सिद्धौर में गौवंश संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत, क्षेत्र की बेसहारा, बीमार और वृद्ध गायों को उचित संरक्षण देने के उद्देश्य से एक विशाल गौ-आश्रय केंद्र का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। मंगलवार को नगर पंचायत अध्यक्ष रमन्ता रावत और अधिशासी अधिकारी आशुतोष त्रिपाठी ने मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से इस परियोजना का भूमि पूजन संपन्न किया।
परियोजना का स्वरूप और लागत
सिद्धौर नगर पंचायत क्षेत्र में बनने वाला यह गौ-आश्रय केंद्र आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। लगभग 8 एकड़ की विस्तृत भूमि पर बनने वाले इस केंद्र की कुल लागत 1 करोड़ 65 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस बजट का उपयोग गायों के लिए शेड, चारे के लिए गोदाम, पेयजल हेतु टैंक और बीमार गायों के उपचार के लिए पृथक चिकित्सा कक्ष बनाने में किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
गौवंश की सुरक्षा और अकाल मृत्यु पर अंकुश
भूमि पूजन के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अधिशासी अधिकारी आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि सड़कों पर घूम रही बेसहारा और बीमार गायें अक्सर दुर्घटनाओं या भूख-प्यास के कारण अकाल मृत्यु का शिकार हो जाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह सरकारी प्रोजेक्ट केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति के प्रतीक गौवंश को सम्मानजनक जीवन देने का संकल्प है। यहाँ न केवल उन्हें भोजन मिलेगा, बल्कि अनुभवी चिकित्सकों की देखरेख में उनकी चिकित्सा भी सुनिश्चित की जाएगी।”
जैविक खेती और पर्यावरण का समन्वय
इस गौशाला के निर्माण से केवल गायों का भला नहीं होगा, बल्कि स्थानीय किसानों के लिए भी यह वरदान साबित होगी। ईओ ने बताया कि यहाँ बड़ी मात्रा में उपलब्ध होने वाले गोबर और गोमूत्र का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाएगा। इससे तैयार होने वाली जैविक खाद किसानों को उपलब्ध कराई जा सकती है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक जगत से जुड़े तमाम दिग्गजों ने शिरकत की। मुख्य रूप से चेयरमैन प्रतिनिधि लल्लू रावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रवीण सिंह सिसोदिया, प्रधान सत्यनाम सिंह वर्मा और सुरेंद्र सिंह ने गौवंश संरक्षण की इस मुहिम को सराहा। प्रशासनिक अमले से लिपिक शिरीष मिश्रा, डॉ. राजेंद्र वर्मा, हनुमान वर्मा, और रामराज कनौजिया उपस्थित रहे।
साथ ही राकेश वर्मा, दीनानाथ, मो. अतहर, आशिक अली, मो. दिलशाद, रमाकांत शर्मा सहित नगर पंचायत के सभी सम्मानित सभासद, कर्मचारी और भारी संख्या में ग्रामीण व नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में सरकार की इस मंशा की सराहना की कि विकास के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक धरोहर और जीव-दया के मूल्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
निष्कर्ष
सिद्धौर में बनने वाला यह गौ-आश्रय केंद्र आने वाले समय में जिले के लिए एक मॉडल के रूप में उभरेगा। इससे न केवल सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या से निजात मिलेगी, बल्कि किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा कर जल्द से जल्द निराश्रित गायों को यहाँ शिफ्ट किया जाए।
रिपोर्टर: इंद्रराज राजपूत
ब्यूरो: बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)
