लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए मजबूत और सुरक्षित आधारभूत ढांचा (Infrastructure) बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए बेहतर आवासीय और कार्य सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, समय पर पूरे हों प्रोजेक्ट
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री जी ने निर्माण कार्यों की लेटलतीफी और गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पुलिस लाइन्स, थाना, बैरक, अग्निशमन केंद्र (Fire Stations) और अन्य सभी सरकारी निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। सीएम योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि आधुनिक पुलिसिंग के इस दौर में निर्माण कार्यों के तकनीकी मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और थर्ड पार्टी ऑडिट के निर्देश
काम में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निम्नलिखित अहम निर्देश दिए:
- नियमित मॉनिटरिंग: सभी चल रही और आगामी परियोजनाओं की कड़ाई से रेगुलर मॉनिटरिंग की जाए।
- अतिरिक्त मैनपावर: काम को समय पर पूरा करने के लिए जहां भी जरूरत हो, तकनीकी विशेषज्ञों और अतिरिक्त मैनपावर की मदद ली जाए।
- थर्ड पार्टी ऑडिट: निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से समय-समय पर थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए।
रिक्त पदों को मेरिट के आधार पर भरने के आदेश
सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जी ने विभाग में खाली पड़े पदों को भी जल्द भरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी रिक्त पदों को पूरी तरह से मेरिट के आधार पर भरा जाए। साथ ही, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, सुरक्षित और उपयोगी अधोसंरचना (Infrastructure) का विकास किया जाए।
इस बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश में पुलिस थानों, बैरकों और पुलिसकर्मियों के आवासों के आधुनिकीकरण के काम में अब और तेजी आएगी।
