पाटन/उन्नाव। तहसील बीघापुर क्षेत्र में आवारा पशुओं का आतंक और अवैध खनन की मनमानी से त्रस्त किसानों का धैर्य बुधवार को टूट गया। अपनी समस्याओं से व्यथित किसान भारतीय किसान यूनियन बैसवारा के प्रदेश अध्यक्ष पवन शुक्ला के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी बीघापुर रणवीर सिंह के कार्यालय पहुंचे और जमकर नाराज़गी जताते हुए ज्ञापन सौंपा।
किसान नेताओं ने कहा कि आवारा जानवरों की दहशत से खेतों में खड़ी रबी की फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसान दिन-रात खेतों की रखवाली कर रहे हैं, लेकिन फिर भी फसलें सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र की गौशालाएं कागजों में चल रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर अव्यवस्थाओं के चलते सैकड़ों पशु सड़कों और खेतों में घूम रहे हैं। किसानों ने मांग की कि गौशालाओं को तत्काल दुरुस्त कर आवारा पशुओं को व्यवस्थित रूप से वहां रखा जाए, ताकि किसानों की मेहनत पर पानी न फिरे।
इसी के साथ खनन माफियाओं की दबंगई का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। किसानों ने बताया कि अवैध खनन में लिप्त बिना नंबर प्लेट वाले डंपर दिन-रात रफ्तार भर रहे हैं, जिससे ग्रामीण सड़कें टूट रहीं हैं और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आमजन की जान से खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यूनियन ने साफ कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो किसान 1 जनवरी से 11 जनवरी तक विशाल पैदल यात्रा निकालकर पूरे इलाके में आंदोलन को और तेज करेंगे। इस यात्रा में किसान अपनी सभी समस्याएं सड़क से लेकर शासन तक पहुंचाएंगे।
ज्ञापन कार्यक्रम में यूनियन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे और एक सुर में मांग उठाई कि किसान हितों की अनदेखी अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
