दुनियाभर में लोग उम्र बढ़ने की रफ्तार को कम करने के आसान और प्रभावी तरीकों की तलाश कर रहे हैं। इसी बीच एक रूसी विशेषज्ञ ने बढ़ती उम्र को नियंत्रित करने का बेहद सरल उपाय सुझाया है—अच्छी और गहरी नींद।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजी ऑफ एजिंग के निदेशक प्रोफेसर एलेक्सी मोस्कालोव का कहना है कि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में नींद की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वह बताते हैं कि नींद की कमी या हल्की नींद न केवल समग्र स्वास्थ्य पर असर डालती है बल्कि उम्र बढ़ने के संकेतों को भी तेज कर देती है।
गहरी नींद क्यों है ज़रूरी?
विशेषज्ञों के मुताबिक, कम समय की नींद और गहराई वाली नींद दोनों अलग बातें हैं। व्यक्ति भले ही कम घंटे सोए, लेकिन यदि उसकी नींद गहरी है, तो शरीर की मरम्मत (रिपेयर) और नवीनीकरण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती है। हर रात कम से कम दो घंटे की गहरी नींद होना आवश्यक माना गया है।
इसी दौरान शरीर में ग्रोथ हार्मोन और अन्य महत्वपूर्ण हार्मोन बनते हैं, जो कोशिकाओं के पुनर्निर्माण में मदद करते हैं और उम्र बढ़ने की रफ्तार को कम करते हैं।
स्मार्टवॉच से ट्रैक करें नींद
मोस्कालोव के अनुसार, कोई भी व्यक्ति स्मार्टवॉच या फिटनेस ट्रैकर की मदद से अपनी गहरी नींद का स्तर आसानी से माप सकता है। इससे नींद की गुणवत्ता का सही अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
इन वजहों से भी बढ़ता है बुढ़ापा
उनके मुताबिक, सिर्फ नींद ही नहीं, बल्कि कुछ और कारक भी उम्र बढ़ने को तेज करते हैं—
- उच्च ब्लड शुगर
- शरीर में हल्की (क्रॉनिक) सूजन
यदि सी-रिएक्टिव प्रोटीन (CRP) का स्तर 2 से अधिक हो जाए तो हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसका आदर्श स्तर 0.5 से कम होना चाहिए।
इसी तरह, ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन का बढ़ा स्तर शरीर में ग्लूकोज की अधिकता दर्शाता है, जो प्री-डायबिटीज़ का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक चीनी शरीर के प्रोटीन को कठोर कर देती है और यह बदलाव वापस नहीं लौटता, जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
