बाराबंकी। फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को सिहौरा ब्लॉक में सराहनीय पहल देखने को मिली। पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म (पीएसपी) के सहयोग से बाल विकास विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, कोठी के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर में नाट्य मंचन प्रस्तुत कर फाइलेरिया से बचाव का संदेश दिया। विद्यार्थियों की रोचक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को बीमारी की गंभीरता और उससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि जनपद के सात ब्लॉकों में 10 फरवरी से 28 फरवरी तक आईडीए (इंटेंसिफाइड डिजीज एलिमिनेशन) अभियान चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जाएगी। नाट्य मंचन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सभी पात्र व्यक्तियों का दवा सेवन करना अत्यंत आवश्यक है।
विद्यालय के कक्षा 12 के छात्र मोहम्मद सादिक, आस्था सिंह तथा सहायक अध्यापक रणविजय वर्मा ने नुक्कड़ नाटक जैसी पारंपरिक विधाओं की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता फैलाने में यह माध्यम अत्यंत प्रभावी है। छात्रों ने बताया कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है, जिसके प्रारंभिक चरण में कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन 5 से 15 वर्षों बाद हाथ-पैर या महिलाओं के स्तनों में सूजन आ सकती है, जिससे व्यक्ति को आजीवन दिव्यांगता का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि फाइलेरिया से बचाव पूरी तरह संभव है। सरकार द्वारा आईडीए अभियान के तहत डीईसी, एल्बेंडाजोल एवं आइवरमेक्टिन दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना चाहिए तथा पूरी खुराक लेना जरूरी है। एक वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी, जबकि 1 से 2 वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली पीसकर दी जाएगी।
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गठित जिला कोर ग्रुप (डीसीजी) के सदस्य एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जगन्नाथ यादव ने कहा कि फाइलेरिया से बचाव के लिए सभी पात्र लोगों को दवा का सेवन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी प्रकार का गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होता। यदि दवा लेने के बाद हल्की खुजली या चकत्ते होते हैं तो यह शरीर में मौजूद फाइलेरिया के कीटाणुओं के नष्ट होने का संकेत है। किसी भी समस्या की स्थिति में आशा कार्यकर्ता या रैपिड रिस्पॉन्स टीम से संपर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य विक्रम सिंह, सहयोगी संस्था सीफार के प्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
