नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी अब अपने सबसे बड़े संगठनात्मक फैसले की ओर बढ़ रही है। करीब डेढ़ साल से लंबित राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को विदेश दौरे से लौटते ही दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक करेंगे। इसी बैठक में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू करने की घोषणा होने की संभावना है।
वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जून 2024 में ही समाप्त हो चुका था, लेकिन लोकसभा और कई राज्यों के महत्वपूर्ण चुनावों के चलते उन्हें लगातार विस्तार दिया गया। पार्टी के 29 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे हो चुके हैं, जबकि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और बिहार में नए प्रदेश अध्यक्षों के नाम पर निर्णय लिया जाना बाकी है। इन पर भी रविवार की बैठक में मुहर लग सकती है।
14 जनवरी के बाद नए अध्यक्ष का ऐलान संभव
पार्टी परंपरागत रूप से शुभ समय पर बड़े संगठनात्मक फैसले लेने की पक्षधर मानी जाती है। इसी कारण माना जा रहा है कि नया राष्ट्रीय अध्यक्ष खरमास समाप्त होने के बाद, यानी 14 जनवरी 2026 के बाद चुना जाएगा।
दावेदारों में धर्मेंद्र प्रधान सबसे आगे
राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौड़ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। ओडिशा से आने वाले प्रधान का संगठन और आरएसएस दोनों से गहरा जुड़ाव है, साथ ही वे प्रधानमंत्री मोदी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल हैं।
दूसरे प्रमुख दावेदार केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव हैं, जिन्हें मजबूत संगठन प्रबंधन और ओबीसी चेहरे के रूप में देखा जाता है। इसके अलावा नाम चर्चा में हैं—
- शिवराज सिंह चौहान (पूर्व मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश)
- मनोहर लाल खट्टर (पूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा)
- केशव प्रसाद मौर्य (उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
बिहार जीत के बाद राजनीतिक हलचल तेज
बुधवार को संसद में कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रियों ने बिहार में जीत को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन किया। उसी शाम जेपी नड्डा ने बिहार चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले नेताओं को अपने आवास पर रात्रिभोज दिया।
सूत्रों के अनुसार नए अध्यक्ष के चयन के साथ ही संगठन में कई बड़े फेरबदल भी तय माने जा रहे हैं। पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2029 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
