लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार की नई ‘जी राम जी योजना’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यह योजना मनरेगा (MGNREGA) को धीरे-धीरे समाप्त करने की एक सोची-समझी और ‘गोपनीय साजिश’ है।
नाम बदलने से नहीं बदलेगी हकीकत
बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार केवल नाम बदलकर सच्चाई को छिपाना चाहती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की असल मंशा मनरेगा को मजबूत करने की नहीं, बल्कि उसे ‘राम-राम’ (खत्म) कहने की है।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु उठाए:
- बजट में कटौती: केंद्र सरकार लगातार मनरेगा के बजट में कमी कर रही है।
- राज्यों पर बोझ: राज्यों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि जीएसटी का बकाया समय पर नहीं मिलने से राज्य पहले से ही आर्थिक संकट में हैं।
- शहरीकरण का खेल: सैकड़ों ग्राम सभाओं को ‘अर्बन कैटेगरी’ (शहरी श्रेणी) में डालकर उनका मनरेगा बजट तकनीकी रूप से समाप्त किया जा रहा है।
भाजपा को गरीबों के हित से सरोकार नहीं: सपा
अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा अपने अलावा किसी और का पेट भरते हुए नहीं देख सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों की जरूरतें भाजपा के एजेंडे में नहीं हैं और यह नई व्यवस्था राज्यों को मनरेगा जैसी योजनाओं से दूरी बनाने पर मजबूर कर देगी, जिससे यह योजना स्वतः ही दम तोड़ देगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया ‘विकसित भारत की नींव’
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विकसित भारत जी राम जी-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन’ का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह योजना रोजगार के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
योजना की मुख्य विशेषताएं (सरकार के अनुसार):
- स्थायी संपत्ति का निर्माण: अब केवल अस्थायी कार्यों के बजाय रेन वाटर हार्वेस्टिंग, चेक डैम, पक्की सड़कें, नाली, खेल के मैदान, ओपन जिम और मंडियों जैसे स्थायी निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
- व्यापक विस्तार: प्रदेश की लगभग 58 हजार ग्राम पंचायतों और एक लाख से अधिक राजस्व गांवों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: बड़ी पंचायतों में ‘मॉल’ निर्माण जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह मिशन ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
जहाँ सरकार इस योजना को ग्रामीण विकास और स्थायी रोजगार का नया मॉडल बता रही है, वहीं विपक्ष इसे गरीबों के ‘रोजगार के अधिकार’ पर हमला मान रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।
