नागपुर | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज महाराष्ट्र के नागपुर में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि का शिलान्यास किया। उन्होंने ‘सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड’ में मध्यम क्षमता वाले गोला-बारूद निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने निर्देशित पिनाका रॉकेटों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर आर्मेनिया के लिए रवाना किया, जो वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की बढ़ती धमक का प्रतीक है।
रक्षा विनिर्माण में निजी क्षेत्र की होगी 50% हिस्सेदारी

संयंत्र का उद्घाटन करते हुए रक्षा मंत्री ने बड़ा विजन साझा किया। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य रक्षा विनिर्माण में निजी क्षेत्र की भागीदारी को जल्द ही 50% या उससे अधिक तक बढ़ाना है। विनिर्माण और आरएंडडी (अनुसंधान एवं विकास) में निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।”
स्वदेशी हथियारों का लोहा: नागास्त्र और भार्गवस्त्र

राजनाथ सिंह ने सोलर ग्रुप द्वारा निर्मित ‘नागास्त्र’ ड्रोन की सफलता का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इस ड्रोन ने आतंकी ठिकानों पर सटीक प्रहार कर अपनी क्षमता साबित की है। इसके साथ ही उन्होंने स्वदेशी काउंटर ड्रोन सिस्टम ‘भार्गवस्त्र’ के सफल परीक्षण की भी सराहना की।
आयात से निर्यात तक का सफर: रिकॉर्ड 24,000 करोड़ का रक्षा निर्यात
रक्षा मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि कैसे पिछले 10 वर्षों में भारत की तस्वीर बदली है:
- रक्षा उत्पादन: साल 2014 में जो उत्पादन 46,425 करोड़ रुपये था, वह अब बढ़कर 1.51 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
- निजी क्षेत्र का योगदान: कुल उत्पादन में 33,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान अकेले निजी क्षेत्र का है।
- रक्षा निर्यात: 10 साल पहले रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ से भी कम था, जो अब 24,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।
बदलते युद्ध कौशल पर जोर

राजनाथ सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र संघर्ष के नए आयाम बन गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध की प्रकृति चाहे जो भी हो, एक मजबूत रक्षा औद्योगिक आधार हमेशा अनिवार्य रहेगा।
सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का तालमेल
उन्होंने भारतीय रक्षा तंत्र को सार्वजनिक (PSUs) और निजी क्षेत्रों का एक अनूठा मिश्रण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों को एक-दूसरे का पूरक बनकर राष्ट्रीय लाभ के लिए काम करना चाहिए। इस अवसर पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सोलर ग्रुप के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
