सिंगुर/कोलकाता | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के सिंगुर से वर्चुअल माध्यम से राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल की लॉजिस्टिक्स क्षमता को बढ़ाना और इसे पूर्वोत्तर भारत के लिए व्यापारिक प्रवेश द्वार के रूप में और मजबूत करना है।
जलमार्गों पर चलेगी लिथियम-टाइटेनेट बैटरी वाली नावें

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, कोलकाता के आंतरिक जलमार्गों पर यात्रियों की आवाजाही के लिए ऊर्जा-कुशल विकल्पों की शुरुआत की गई है। ये नावें उन्नत लिथियम-टाइटेनेट बैटरी प्रौद्योगिकी से लैस हैं, जो टिकाऊ और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित परिवहन प्रदान करेंगी।
केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने इस अवसर पर कहा कि पश्चिम बंगाल हमेशा से भारत के समुद्री व्यापार का प्रवेश द्वार रहा है और अब यह राज्य पूर्वी भारत के विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है।
280 करोड़ की रेलवे परियोजनाओं का तोहफा
कनेक्टिविटी को नया विस्तार देते हुए प्रधानमंत्री ने 280 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
- नई रेल लाइन: 83 किमी लंबी तारकेश्वर–बिष्णुपुर रेल परियोजना के तहत 15 किमी लंबे जयरामबाती–बरोगोपीनाथपुर–मयनापुर सेक्शन को शुरू किया गया है।
- नई ट्रेन सेवा: जयरामबती और मयनापुर के बीच एक नई यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई, जिससे स्थानीय छात्रों और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
- अमृत भारत एक्सप्रेस: देश के विभिन्न सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाओं की शुरुआत की गई:
- संतरागाछी से तांबरम
- हावड़ा से आनंद विहार टर्मिनल
- सियालदह से बनारस
लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी पर जोर

सिंगुर में आयोजित इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस, केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल, शांतनु ठाकुर और सुकांत मजूमदार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सरकार का यह विजन सड़क और रेल नेटवर्क पर दबाव कम करने के साथ-साथ जलमार्गों को परिवहन के सस्ते और भरोसेमंद माध्यम के रूप में स्थापित करना है।
इन परियोजनाओं से न केवल माल ढुलाई की लागत कम होगी, बल्कि भीड़भाड़ से राहत मिलेगी और पश्चिम बंगाल की व्यापारिक भूमिका देश के शेष हिस्सों और पूर्वोत्तर क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सशक्त होगी।
