पाटन, उन्नाव। तहसील बीघापुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कलानी में बुधवार शाम आग का तांडव देखने को मिला। अज्ञात कारणों से लगी इस भीषण आग ने देखते ही देखते करीब 25 से 30 बीघा खेत में खड़ी गेहूं की पराली को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि ग्रामीणों ने एकजुट होकर भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, अन्यथा आग गांव की बस्तियों तक पहुंच सकती थी।
देरी से पहुंची दमकल, ग्रामीणों में आक्रोश
घटना बुधवार शाम करीब 4:30 बजे की है। खेतों से आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि दमकल की गाड़ी सूचना के एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस देरी के बीच ग्रामीणों ने स्वयं ही मोर्चा संभाला और आग को आगे बढ़ने से रोका। जब तक दमकल कर्मी पहुंचे, तब तक ग्रामीण आग पर लगभग काबू पा चुके थे।
इन किसानों का हुआ नुकसान
इस अग्निकांड में गांव के कई किसानों को आर्थिक चोट पहुंची है। मुख्य रूप से:
- लवकेश कुमार उर्फ छोटू पुत्र विलास
- होरी लाल पुत्र तेजू
- शिवपाल पुत्र विकास
- ब्रह्मा पुत्र सुजीत
- राजेंद्र पुत्र धर्मेंद्र
- राम सेवक पुत्र अमरपाल
- श्रीनारायण पाल
इन सभी किसानों की कई बीघा खेतों में खड़ी पराली जलकर पूरी तरह राख हो गई है।
तहसील मुख्यालय पर दमकल तैनाती की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि आग बुझाने में थोड़ी भी देरी होती तो यह रिहायशी इलाके तक पहुंच सकती थी, जिससे बड़ी जनहानि हो सकती थी। घटना से आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि तहसील मुख्यालय बीघापुर पर ही दमकल की एक गाड़ी स्थाई रूप से तैनात की जाए, ताकि भविष्य में होने वाली ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई हो सके और नुकसान को कम किया जा सके।
फिलहाल, इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन किसानों का काफी नुकसान हुआ है।
