लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 52वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित ‘रश्मिरथी पर्व’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में शिरकत की और राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका का विमोचन भी किया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि दिनकर जी की लेखनी मात्र साहित्य नहीं, बल्कि हर भारतीय के लिए प्रेरणा का एक अखंड स्रोत है। उन्होंने समाज को जागरूक करने और राष्ट्रचेतना को स्वर देने में दिनकर जी के अद्वितीय योगदान को रेखांकित किया।
कर्तव्य और साहस का प्रतीक है ‘रश्मिरथी’
विशेष रूप से दिनकर के कालजयी महाकाव्य ‘रश्मिरथी’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कृति आज के दौर में भी युवाओं को कर्तव्य पथ पर अडिग रहने, साहस दिखाने और अटूट देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत करने की शक्ति रखती है।
कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों, शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों ने भी राष्ट्रकवि को याद किया। ‘रश्मिरथी पर्व’ के आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिनकर जी के विचारों और उनके विराट साहित्य को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना है।
