पुरवा, उन्नाव।तहसील क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से आगजनी की बढ़ती घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) प्रमेश श्रीवास्तव ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि खेतों में पराली जलाना न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि यह बड़ी आगजनी का मुख्य कारण बन रहा है। यदि कोई भी व्यक्ति पराली जलाते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
एक ही दिन में कई जगह भड़की आग
शुक्रवार को तहसील क्षेत्र के सरवन और तूरी राजा साहब गांवों में अचानक आग लगने से अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की सांस अभी मिली ही थी कि रामा हिम्मतपुर गांव से भी आगजनी की खबर आ गई, जहां आग बुझाने में अग्निशमन कर्मचारियों को काफी पसीने बहाने पड़े।
जांच में सामने आया मुख्य कारण
एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि फायर ब्रिगेड के जवानों की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया है और राहत की बात यह है कि किसी भी प्रकार की जनहानि या माल की हानि नहीं हुई है। उन्होंने आगे जानकारी दी कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ ग्रामीण अपने खेतों में पराली जला रहे हैं। तेज हवाओं के कारण यह आग बेकाबू होकर दूर तक फैल रही है, जिससे अन्य खेतों और संपत्तियों को खतरा पैदा हो रहा है।
प्रशासन की पैनी नजर
तहसील और पुलिस प्रशासन अब ऐसे लोगों को चिन्हित करने में जुट गया है जो पराली जलाकर दूसरों की जान-माल को खतरे में डाल रहे हैं। एसडीएम ने सख्त लहजे में कहा कि प्रशासन ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने पुनः अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में खेतों में आग न लगाएं, अन्यथा दण्डात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
