सरोजनीनगर, लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र में सोलर सिस्टम लगाने के नाम पर कथित तौर पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पिपरसंड क्षेत्र के दो उपभोक्ताओं ने लीला सोलर सॉल्यूशन, बिजनौर रोड, गौरी, सरोजनीनगर के संचालक/डायरेक्टर सतीश कनौजिया पर 3 किलोवाट का टाटा सोलर सिस्टम लगाने के नाम पर करीब दो लाख रुपये का बैंक ऋण स्वीकृत कराने, लेकिन निर्धारित क्षमता का सिस्टम उपलब्ध न कराने और बाद में रकम वापस करने से इनकार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ितों के अनुसार, ग्राम लोनहां, पिपरसंड निवासी पंकज कुमार पुत्र विश्राम प्रजापति तथा ग्राम पिपरसंड निवासी सूरज सिंह पुत्र स्वर्गीय अशोक सिंह ने अपने-अपने आवास पर 3 किलोवाट का टाटा सोलर सिस्टम लगवाने के लिए उक्त सोलर वेंडर से संपर्क किया था। आरोप है कि वेंडर ने 3 किलोवाट का सिस्टम लगाने का आश्वासन देते हुए बैंक ऋण के माध्यम से लगभग ₹2 लाख की धनराशि स्वीकृत कराई।
3 किलोवाट के बजाय भेजे गए सिर्फ पांच पैनल
पीड़ितों का आरोप है कि 3 किलोवाट सिस्टम के नाम पर उनके घरों के लिए 590 वाट क्षमता वाले केवल पांच सोलर पैनल, यानी कुल 2950 वाट, भेजे गए। उनका कहना है कि 590 वाट के छह पैनल लगाए जाने पर ही कुल क्षमता 3540 वाट होती है, जबकि उनके साथ 3 किलोवाट सिस्टम लगाने की बात कही गई थी।
पीड़ितों ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने अधिकृत सोलर विक्रेताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, टाटा सोलर और यूपीनेडा से जानकारी लेने का दावा किया है। उनके मुताबिक, संबंधित विशेषज्ञों ने निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी किट और सिस्टम उपलब्ध कराने की बात कही।
तीन महीने से घर पर पड़ा सामान, नहीं हुआ इंस्टॉलेशन
पीड़ितों का कहना है कि करीब तीन महीने बीतने के बाद भी उनके घरों पर सोलर सिस्टम का काम पूरा नहीं किया गया। कई बार फोन और व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने के बावजूद न तो उन्हें सोलर सिस्टम का विस्तृत एस्टीमेट/बिल उपलब्ध कराया गया और न ही इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा कराया गया।
आरोप है कि बार-बार जानकारी मांगने पर उन्हें टालमटोल किया गया और फोन तक काट दिया गया।
अतिरिक्त पैनल या पैसा वापस मांगने पर कथित रूप से किया इनकार
पीड़ितों के अनुसार, जब उन्होंने 3 किलोवाट क्षमता की पूर्ण किट लगाने अथवा आवश्यक अतिरिक्त पैनल उपलब्ध कराने की मांग की तो वेंडर की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि “जो दिया है वही लगेगा, जो करना हो कर लो। न पैसा वापस मिलेगा और न ही अतिरिक्त पैनल लगाए जाएंगे।”
इसके बाद पीड़ितों ने पूरी धनराशि वापस करने की मांग की, ताकि वे किसी अन्य अधिकृत कंपनी से सोलर सिस्टम लगवा सकें। आरोप है कि वेंडर ने कथित रूप से पैसा लौटाने से भी इनकार कर दिया।
बैंक ऋण की किस्त को लेकर भी चिंता
पीड़ितों का कहना है कि बैंक ऋण की प्रक्रिया संबंधित वेंडर के माध्यम से भारतीय स्टेट बैंक से कराई गई थी। उनका कहना है कि यदि निर्धारित क्षमता का सोलर सिस्टम नहीं लगाया गया अथवा उनकी धनराशि वापस नहीं की गई तो उनके लिए बैंक ऋण की किस्त जमा करना मुश्किल होगा। ऐसी स्थिति में उन्होंने संबंधित वेंडर को जिम्मेदार ठहराए जाने की मांग की है।
थाना प्रभारी से एफआईआर की मांग
मामले को लेकर पीड़ितों ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर लीला सोलर सॉल्यूशन के संचालक सतीश कनौजिया के विरुद्ध धोखाधड़ी, छल एवं अन्य सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
पीड़ितों ने पुलिस से मामले की जांच कर उन्हें न्याय दिलाने तथा उनकी धनराशि वापस कराने अथवा निर्धारित क्षमता का सोलर सिस्टम लगवाने की कार्रवाई किए जाने की गुहार लगाई है।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप पीड़ितों की शिकायत पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के परिणाम की प्रतीक्षा है। संबंधित वेंडर का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
