नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता राम माधव के एक हालिया बयान को लेकर संगठन पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरएसएस को “राष्ट्रीय सरेंडर संघ” बताते हुए आरोप लगाया कि संगठन का असली चेहरा अब सबके सामने आ गया है।
राहुल गांधी का ‘एक्स’ (ट्विटर) पोस्ट
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर राम माधव की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए लिखा, “राष्ट्रीय आत्मसमर्पण संघ। नागपुर में फर्जी राष्ट्रवाद और अमेरिका में सरासर चाटुकारिता। राम माधव ने संघ का असली चेहरा उजागर कर दिया है।” गांधी का यह बयान अमेरिका में एक पैनल चर्चा के दौरान राम माधव द्वारा दी गई टिप्पणियों के संदर्भ में आया है, जिसे कांग्रेस नेता ने देश के हितों के साथ समझौता करार दिया।
राम माधव ने मांगी माफी, स्वीकार की ‘तथ्यात्मक गलती’
विवाद बढ़ता देख राम माधव ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण जारी किया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके द्वारा पेश किए गए तथ्य गलत थे।
- क्या था स्पष्टीकरण: राम माधव ने कहा, “मैंने जो कहा वह गलत था। भारत ने रूस से तेल आयात बंद करने पर कभी सहमति नहीं जताई। साथ ही, भारत ने 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का भी कड़ा विरोध किया है।”
- गलती का कारण: उन्होंने बताया कि वह पैनल के दूसरे सदस्य के बयान का खंडन करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस दौरान उनसे तथ्यात्मक चूक हो गई।
भारत की तेल आपूर्ति पर सरकार का रुख
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच, सरकार ने देश में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार:
- भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी का पर्याप्त भंडार है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में यदि कोई आपूर्ति बाधा आती है, तो भारत ने अन्य क्षेत्रों से तेल आयात बढ़ाने की वैकल्पिक रणनीति तैयार कर ली है।
