उन्नाव (बीघापुर): तहसील बीघापुर क्षेत्र के ग्राम गुलरिहा मलौना में मेवाड़ के वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती बेहद श्रद्धा, हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और महान योद्धा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
स्वाभिमान और संघर्ष की प्रेरणा हैं महाराणा
कार्यक्रम का सफल आयोजन स्थानीय निवासी रामदेव द्वारा किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में युवा भाजपा नेता प्रकाश सिंह बिहार ने शिरकत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रकाश सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं, बल्कि भारतीय मान-सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले एक महान प्रेरणापुंज थे।
उन्होंने कहा, “महाराणा प्रताप ने अपने पूरे जीवन में कभी हार नहीं मानी। उनके शौर्य और अदम्य साहस का ही परिणाम था कि उस समय का शक्तिशाली मुगल शासक अकबर भी उनके नाम से भयभीत रहता था। राणा प्रताप ने महलों के सुख को त्यागकर जंगलों में रहना और घास की रोटी खाना स्वीकार किया, लेकिन अपनी मातृभूमि की स्वतंत्रता और अपने स्वाभिमान से कभी कोई समझौता नहीं किया।”
इतिहास के पन्नों से वर्तमान को सीख
वक्ताओं ने इस दौरान हल्दीघाटी के युद्ध और चेतक की वफादारी के प्रसंगों को भी याद किया। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि आज की पीढ़ी को महाराणा प्रताप के जीवन से राष्ट्रभक्ति और विपरीत परिस्थितियों में भी अडिग रहने की कला सीखनी चाहिए। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन यह सिखाता है कि साधन कम होने पर भी यदि संकल्प मजबूत हो, तो किसी भी बड़ी शक्ति को चुनौती दी जा सकती है।
श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
समारोह की शुरुआत महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उपस्थित ग्रामीणों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर वीर योद्धा को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान ‘जय महाराणा’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। ग्रामीणों में इस जयंती को लेकर भारी उत्साह देखा गया, खासकर युवाओं ने महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन को आत्मसात करने की बात कही।
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे गणमान्य
आयोजन के दौरान क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्ति और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से शीबू सिंह, हीरालाल, शिवम सिंह, मोनू पासवान, बलवीर, नीलेश कुमार, इंद्रसेन, नरेंद्र सिंह, हुकुम सिंह तथा हरिनाम सिंह सहित तमाम गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में आयोजक रामदेव ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
