समशाद सिद्धिकी
लखनऊ (RY NEWS): समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समुदाय पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस बयान के विरोध में आज सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण समुदाय और सनातन समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। ‘जन विश्वास पार्टी’ के बैनर तले एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों ने सपा प्रवक्ता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले को जूतों से पीटने के बाद उसका दहन किया।
”सपा की नीति ब्राह्मणों को गाली देने की” — सुशील शुक्ला
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जन विश्वास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील शुक्ला ने समाजवादी पार्टी की विचारधारा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा:
”समाजवादी पार्टी की नीति और विचारधारा हमेशा से ब्राह्मणों को गाली देने की रही है। ऐसा लगता है कि पार्टी बंद कमरों में अपने नेताओं को ऐसा करने का प्रशिक्षण देती है और फिर उन्हें पुरस्कृत करती है। यही कारण है कि इतना अमर्यादित बयान देने के बाद भी राजकुमार भाटी को प्रवक्ता पद से बर्खास्त नहीं किया गया है और न ही सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इसके लिए ब्राह्मण समाज से माफी मांगी है।”
”सनातन और सवर्ण समाज का अपमान, भाटी को जेल भेजें”
प्रदर्शन में शामिल क्षत्रिय समाज के नेता और प्रदेश महासचिव देवपाल सिंह चौहान ने सपा के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ब्राह्मणों के प्रति नफरत का पीडीए बनकर घूम रही है। उन्होंने कहा:
- क्षत्रिय समाज सदैव ब्राह्मणों का सम्मान करता रहा है और इस टिप्पणी को पूरे सवर्ण व सनातन समाज का अपमान मानता है।
- ऐसे लोग समाज के दुश्मन हैं, इसलिए राजकुमार भाटी को तुरंत पार्टी से बर्खास्त कर जेल भेजा जाना चाहिए।
वहीं, प्रदर्शन में मौजूद सुमित मिश्रा ने भी बेहद कड़े शब्दों में भाटी के बयान की निंदा की और उन्हें समाज के लिए अभिशाप बताया।
भारतीय खेल प्राधिकरण के पास हुआ प्रदर्शन, कई संगठन रहे मौजूद
यह विरोध प्रदर्शन सरोजनी नगर में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के पास शांति नगर में आयोजित हुआ। इसमें जन विश्वास पार्टी के साथ-साथ ‘सवर्ण युवा महासभा’ के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
सतीश द्विवेदी (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, सवर्ण युवा महासभा), अर्जुन सिंह (प्रदेश अध्यक्ष), सोभनाथ पांडेय, रवि अवस्थी, नीता पांडे, सुमन श्रीवास्तव (कैंट विधानसभा संयोजक), प्रफुल्ल दुबे, चिंतामणि तिवारी, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, ज्ञानेश शुक्ला, पद्मापति दीक्षित, रमन श्रीवास्तव, विजय तिवारी, विश्व वीर शुक्ला, राहुल सिंह, धर्मेंद्र त्रिपाठी, मुकेश कुमार और मनोज सिंह सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी।
