ग्रामीण ने मुख्यमंत्री से उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने और रास्ता खुलवाने की मांग की
पाटन, उन्नाव। बीघापुर तहसील क्षेत्र के बिहार थाना अंतर्गत ग्राम पल्हेपुर में सार्वजनिक रास्ते को कथित तौर पर बंद किए जाने का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। गांव निवासी प्रमोद विजय पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजकर सार्वजनिक रास्ते और खड़ंजे को बाउंड्रीवाल बनाकर बंद करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने शिकायत संदर्भ संख्या 20015626022591 में जांच अधिकारी लेखपाल अशोक कुमार की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में प्रमोद विजय पाल ने आरोप लगाया है कि गांव के शिवसागर पुत्र गंगा सागर द्वारा आधे गांव को जोड़ने वाले सार्वजनिक रास्ते और खड़ंजे पर बाउंड्रीवाल बनाकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। उनका दावा है कि इससे गांव की करीब 50 प्रतिशत आबादी के आवागमन में परेशानी उत्पन्न हो रही है।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि गांव के बीच से गुजरने वाले मुख्य मार्ग के खड़ंजे से सटाकर पिलर खड़े किए जा रहे हैं। ऐसे में भविष्य में आपात स्थिति के दौरान एंबुलेंस, पुलिस या फायर ब्रिगेड जैसे वाहनों के आवागमन में परेशानी हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
जांच रिपोर्ट पर उठाए सवाल
प्रमोद विजय पाल ने शिकायती पत्र में जांच अधिकारी लेखपाल की रिपोर्ट को भी गलत बताया है। उनका आरोप है कि जांच रिपोर्ट में सड़क किनारे फुटपाथ को लेकर विवाद, आरोप-प्रत्यारोप और आपसी सहमति से प्रकरण के निस्तारण का उल्लेख किया गया है, जबकि उनके अनुसार मौके पर किसी प्रकार का आपसी समझौता कराने का प्रयास नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच अधिकारी द्वारा विवादित स्थल की तस्वीरें भी उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट से ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित पक्ष को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन मिला है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
उच्च अधिकारी से जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की जांच किसी उच्च अधिकारी से कराई जाए, ताकि मौके की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने सार्वजनिक रास्ते को तत्काल खुलवाने, खड़ंजे के किनारे लगाए जा रहे पिलर्स पर रोक लगाने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
अब मामले में प्रशासन की ओर से मौके का निरीक्षण और अभिलेखों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों के आवागमन से जुड़े इस मामले में प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।
