राहगीरों और स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी, जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सूर्यपाल (प्रोटेक)/सह संपादक
बीघापुर, उन्नाव। जनपद उन्नाव के बीघापुर क्षेत्र में बीघापुर से गढ़ाकोला की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क के बीच बबूल का पेड़ गिरा होने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के बीच पेड़ पड़े होने के कारण मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। वहीं, इसी रास्ते से प्रतिदिन स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के बीच बबूल का पेड़ गिरने की जानकारी संबंधित जिम्मेदारों को होने के बावजूद काफी समय बीत जाने के बाद भी उसे सड़क से हटाने की कार्रवाई नहीं की गई है। मुख्य मार्ग होने के कारण यहां दिनभर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ ग्रामीणों तथा स्कूली बच्चों का आवागमन रहता है। ऐसे में सड़क के बीच पड़ा पेड़ किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
राहगीरों का कहना है कि सामने से वाहन आने पर सड़क पर पड़े पेड़ से बचकर निकलना मुश्किल हो जाता है। विशेषकर सुबह और शाम के समय जब स्कूल जाने और लौटने वाले बच्चों तथा ग्रामीणों की आवाजाही अधिक रहती है, उस दौरान दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। यदि किसी वाहन चालक को समय रहते सड़क के बीच पड़े पेड़ का पता नहीं चला तो वाहन उससे टकरा सकता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मार्ग पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने की स्थिति में रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। अंधेरे में सड़क के बीच पड़े पेड़ को अचानक देखने पर वाहन चालक संतुलन खो सकता है। इससे दोपहिया वाहन सवारों के घायल होने के साथ ही बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
लोगों का आरोप है कि सार्वजनिक मार्ग पर इस तरह पेड़ पड़ा होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी सड़क पर इस तरह की बाधा दिखाई देने पर उसे तत्काल हटाया जाना चाहिए, ताकि यातायात सुचारु रूप से चलता रहे और किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते सड़क से पेड़ नहीं हटाया गया और कोई हादसा हो गया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
राहगीरों और ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क के बीच पड़े बबूल के पेड़ को तत्काल हटवाया जाए तथा मार्ग का निरीक्षण कर यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाली अन्य समस्याओं को भी दूर कराया जाए। लोगों का कहना है कि प्रशासन की प्राथमिकता किसी हादसे के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि हादसे की आशंका को पहले ही खत्म करना होना चाहिए।
