
मौरावां उन्नाव। हिलौली बीआरसी क्षेत्र में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब उपजिलाधिकारी पुरवा प्रमेश श्रीवास्तव ने क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रों की कम उपस्थिति और कुछ कक्षाओं में कमजोर शैक्षिक स्तर देखकर उन्होंने नाराजगी जताई।
निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय पश्चिमगांव और कंपोजिट विद्यालय सगौली शामिल थे।
सगौली कंपोजिट विद्यालय में कुल 11 अध्यापक (8 सहायक अध्यापक और 3 अन्य) तैनात हैं। विद्यालय में 240 छात्रों का नामांकन है, लेकिन निरीक्षण के समय मात्र 168 छात्र उपस्थित पाए गए। विद्यालय में छात्रों को मिड-डे मील में चावल और सब्जी परोसी गई थी। कक्षा एक में 48 नामांकित छात्रों में से केवल 11 छात्र उपस्थित थे। जब एसडीएम ने बच्चों से पढ़ाए गए अध्याय से प्रश्न पूछे, तो अधिकांश बच्चे संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। वहीं, कक्षा चार के छात्रों ने प्रश्नों के सही उत्तर दिए, और कक्षा पांच के छात्रों ने हिंदी के अध्याय ‘मॉरीशस’ से पूछे गए प्रश्नों के अच्छे उत्तर दिए। प्राथमिक विद्यालय पश्चिमगांव में कुल चार अध्यापक तैनात हैं, जिनमें से एक चिकित्सा अवकाश पर था। यहां भी छात्रों को मिड-डे मील में चावल और सब्जी दी गई। कक्षा चार के बच्चों से जब ‘एक हजार एक सौ’ लिखने और ‘निन्यानबे’ को अंकों में लिखने को कहा गया, तो अधिकांश बच्चों ने सही उत्तर दिए। एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव ने दोनों विद्यालयों में बच्चों की कम उपस्थिति पर चिंता जताई और अध्यापकों को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार भी मौजूद रहे। इस औचक निरीक्षण से क्षेत्र के अन्य विद्यालयों के शिक्षकों में हड़कंप मच गया।
