विकास भवन सभागार में हुआ सामूहिक गायन, मुख्यमंत्री का लाइव प्रसारण देखा गया

उन्नाव।भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर जनपद उन्नाव में आज पूरे उत्साह और देशभक्ति के वातावरण में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य समारोह विकास भवन सभागार में हुआ, जहां नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्वेता मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी कृति राज, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा विकास भवन एवं कलेक्ट्रेट के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सभागार में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया गया, साथ ही लखनऊ में आयोजित माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया। सभागार में उपस्थित जनसमूह ने जोश और गर्व के साथ “वंदे मातरम” का स्वर मिलाया, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंज उठा।
मुख्य विकास अधिकारी कृति राज ने वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ पर समस्त जनपदवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल एक रचना नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, अस्मिता और एकता का प्रतीक है। इस गीत ने आजादी की लड़ाई में वह अद्भुत चेतना जगाई जिसने देश को अंग्रेजी हुकूमत की बेड़ियों से मुक्त कराने में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, यह हमारे वीर सपूतों के बलिदान और “वंदे मातरम” जैसी प्रेरणादायी पंक्तियों का ही परिणाम है।
उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम गीत ने उस दौर में देश के प्रत्येक नागरिक को एक सूत्र में बांध दिया था। स्वतंत्रता सेनानियों के हृदय में यह गीत ज्वाला बनकर धधकता था। हमारे वीरों ने जब भी बलिदान दिया, उनके मुख से अंतिम शब्द “वंदे मातरम” ही निकला। यह गीत हमें स्मरण कराता है कि देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी और निष्ठा से निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड ने कहा कि वंदे मातरम गीत ने उस युग में जब न रेडियो था, न टेलीविजन, न डिजिटल संचार के साधन — केवल पुस्तकों और सभाओं के माध्यम से लोगों के हृदय में स्वतंत्रता की भावना और देशभक्ति की चेतना जगाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि यह गीत भारत के नवजागरण और आत्मगौरव का प्रतीक है।व
विद्यालयों में प्रभातफेरी, बैंड वादन और सांस्कृतिक कार्यक्रम
राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जनपद के सभी विद्यालयों में भव्य प्रभातफेरी, रैली, मार्च-पास्ट तथा वंदे मातरम का सामूहिक गायन आयोजित किया गया। बच्चों ने बैंड वादन के साथ “वंदे मातरम” की धुन पर मार्च किया। विद्यालयों में देशभक्ति गीत, भाषण प्रतियोगिता और चित्रकला प्रदर्शनियों के माध्यम से वंदे मातरम की भावना को जन-जन तक पहुंचाया गया।


विकासखंड सिकंदरपुर कर्ण के अंतर्गत बदरका गांव में भी वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ से संबंधित भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, बैंड वादन तथा लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री कार्यक्रम का लाइव प्रसारण हुआ। बच्चों और युवाओं ने “वंदे मातरम” की धुन पर देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
पूरे वर्ष चलेंगे चार चरणों में आयोजन
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी परियोजना निदेशक तेजवंत ने बताया कि जनपद उन्नाव में वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 नवम्बर 2025 से 7 नवम्बर 2026 तक चार चरणों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में विभिन्न विभागों, विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी। प्रत्येक चरण में स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति और एकता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने वाले आयोजन किए जाएंगे।
अधिकारीगण और नागरिकों की उत्साही भागीदारी
विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी क्षमा नाथ राय, जिला पर्यटन अधिकारी संतोष कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में विकास भवन व कलेक्ट्रेट के कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों से पूरा सभागार गूंज उठा।
वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ पर उन्नाव जिले में आयोजित यह कार्यक्रम देश की गौरवशाली परंपरा, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और एकता के संदेश को दोहराने का प्रयास रहा। यह अवसर केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उस भावनात्मक विरासत को स्मरण करने का दिन है जिसने भारत को एक राष्ट्र के रूप में विश्व के मानचित्र पर स्थापित किया।
