अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 25 नवंबर को इतिहास रचने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दिन भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के 161 फीट ऊंचे मुख्य शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। यह पहली बार होगा जब मंदिर के सभी सातों शिखर भगवा ध्वजों से सुसज्जित होंगे। जैसे ही मुख्य शिखर पर ध्वज फहराया जाएगा और नीचे विराजमान रामलला की दृष्टि उस पर पड़ेगी, यह क्षण करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए अलौकिक अनुभव बन जाएगा।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को अब तक का सबसे भव्य आयोजन बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। उनके निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी अयोध्या में कैंप किए हुए हैं। हर तैयारी की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री कार्यालय तक भेजी जा रही है।
📺 सीधा प्रसारण और भव्य सजावट
25 नवंबर के इस समारोह का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और सभी प्रमुख न्यूज चैनलों पर किया जाएगा। इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि परिसर में 200 फीट चौड़ी विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। अयोध्या के 30 से अधिक प्रमुख स्थलों — रामपथ तिराहा, नयाघाट पुल, लता मंगेशकर चौक, रिकाबगंज, सुग्रीव किला, राम की पैड़ी आदि — पर भी एलईडी स्क्रीनें लगेंगी, ताकि लाखों श्रद्धालु प्रधानमंत्री को ध्वजारोहण करते हुए लाइव देख सकें।
🌺 दीपोत्सव से भी अधिक रोशन होगा अयोध्या
अयोध्या नगरी को इस अवसर पर दीपोत्सव से भी अधिक भव्य रूप दिया जा रहा है। पूरा शहर फूलों की मालाओं, रंग-बिरंगी लाइटों और भगवा ध्वजों से सजा होगा। हर चौराहे पर सुनहरे अक्षरों में “जय श्रीराम” लिखे भव्य तोरणद्वार बनाए जा रहे हैं।
21 से 25 नवंबर तक शहर में सांस्कृतिक अनुष्ठानों और धार्मिक आयोजनों की शृंखला चलेगी। रामकथा, नृत्य, भजन और लोक प्रस्तुतियों से अयोध्या की गलियाँ गूंज उठेंगी। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने कलाकारों से संपर्क कर आयोजन की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।
🏛️ सौंदर्यीकरण और सफाई अभियान
नगर निगम की टीमें दिन-रात शहर के सौंदर्यीकरण में जुटी हैं। प्रमुख मार्गों की मरम्मत, घाटों पर रंग-रोगन, सड़क किनारे पौधारोपण और फूलों के गमलों से सजावट की जा रही है। सरयू तट को स्वर्णिम रूप दिया जा रहा है। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के अनुसार, “शहर को प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तर्ज पर सजाया जा रहा है। हर गली-मोहल्ला स्वच्छ और आकर्षक बने, यह हमारा लक्ष्य है।”
यह आयोजन केवल एक ध्वजारोहण समारोह नहीं, बल्कि रामनगरी की नई पहचान और भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनने जा रहा है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे, तो यह क्षण पूरे देश के लिए श्रद्धा और गौरव का पर्व बन जाएगा — एक ऐसा ऐतिहासिक अध्याय, जिसे युगों-युगों तक याद रखा जाएगा।
