- गोंडा/लखनऊ । फर्नीचर आपूर्ति के टेंडर में रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों में फंसे गोंडा के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अतुल कुमार तिवारी को शासन ने निलंबित कर दिया है। शासन ने उन्हें मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मंडल से संबद्ध करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं।
🔎 टेंडर में गड़बड़ी और धन वसूली के आरोप
शासन के अनुसार, बीएसए अतुल तिवारी पर विद्यालयों में फर्नीचर आपूर्ति से जुड़ी निविदा प्रक्रिया में अनियमितता बरतने, टेंडर धारकों से धन वसूली करने और शासनादेशों की अवहेलना करने के आरोप हैं।
संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय के हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि देवीपाटन मंडल आयुक्त और डीएम गोंडा की रिपोर्ट में बीएसए की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
💼 15% कमीशन की मांग का आरोप
गुरुग्राम स्थित नीमन सीटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के एमडी मनोज पांडेय की शिकायत पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 564 विद्यालयों में फर्नीचर आपूर्ति के ₹15–16 करोड़ के टेंडर में बीएसए तिवारी, जिला समन्वयक (जेम) प्रेमशंकर मिश्र और जिला समन्वयक (सिविल) विद्याभूषण मिश्र ने 15% कमीशन (करीब ₹2.25 करोड़) की मांग की थी।
मनोज पांडेय के अनुसार, 4 जनवरी 2025 को बीएसए के आवास पर ₹22 लाख नकद बीएसए को और ₹4-4 लाख दोनों समन्वयकों को दिए गए। शेष रकम न देने पर ₹50.38 लाख का डिमांड ड्राफ्ट रद्द कर फर्म को दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।
⚖️ हाईकोर्ट याचिका वापस, विभागीय जांच शुरू
बीएसए तिवारी ने आरोपों से इंकार करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, मगर बाद में उन्होंने खुद ही याचिका वापस ले ली।
मुकदमा दर्ज होने के बाद बीएसए अवकाश पर चले गए थे। शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की।
🏫 विभाग में सन्नाटा, पुलिस जांच तेज
बताया जा रहा है कि अतुल तिवारी पर पिछले तीन महीनों में दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं — एक रिश्वतखोरी और दूसरा नियुक्ति फर्जीवाड़े से संबंधित।
निलंबन की खबर के बाद शिक्षा विभाग में सन्नाटा और चर्चाओं का माहौल है। वहीं, कोतवाली पुलिस ने रिश्वतखोरी प्रकरण की जांच को तेज गति से शुरू कर दिया है।
📍 स्रोत: बेसिक शिक्षा विभाग, शासन आदेश, न्यायालय अभिलेख एवं स्थानीय पुलिस रिपोर्
