उन्नाव। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाताओं के बीच फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुशील कुमार गोंड़ ने बताया कि सोशल मीडिया और फोन कॉल्स के माध्यम से यह गलत सूचना फैलाई जा रही है कि बीएलओ ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए मतदाताओं से ओटीपी मांग रहे हैं। उन्होंने इस जानकारी को पूरी तरह असत्य और भ्रामक बताया।
एडीएम ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग, कोई भी सरकारी विभाग, बैंक अथवा अधिकृत संस्था किसी भी प्रकार का ओटीपी नहीं मांगती। ओटीपी केवल खाते की सुरक्षा के लिए होता है और इसे किसी के साथ साझा करने पर धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसे कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति ओटीपी मांगता है तो तुरंत इसकी शिकायत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दर्ज कराएं तथा अपने बीएलओ को अवगत कराएं।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता को अभी तक बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुआ है और बीएलओ यह कह रहा है कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो ऐसे मतदाता आलेख सूची के प्रकाशन दिनांक 09 दिसंबर 2025 के बाद प्रारूप 6 में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
जिन मतदाताओं के नाम या अन्य प्रविष्टियों में त्रुटि है, वे भी संबंधित फार्म भरकर अपनी प्रविष्टियों में सुधार करा सकते हैं।
प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे गलत सूचनाओं पर भरोसा न करते हुए सतर्क रहें और निर्वाचन प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग दें।
