उन्नाव। तहसील बीघापुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिहार के मजरा गनेशी खेड़ा में जलभराव की समस्या दिनों-दिन विकराल रूप ले रही है। दर्जनों घरों का गंदा पानी मुख्य सड़क पर बह रहा है, जिससे बिसरा मऊ, जालिमगंज, कुतुबपुर, बाबू खेड़ा, उसरहा, बेहटा, सहिला, मवइया, पोखरी और बसंतखेड़ा सहित कई गांवों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूली बच्चों, साइकिल, मोटरसाइकिल, बैटरी रिक्शा चालकों से लेकर ट्रांसपोर्ट वाहनों तक सभी के लिए यह रास्ता परेशानी का कारण बना हुआ है।
स्कूली बच्चों की जान जोखिम में
त्रिवेणी काशी इंटर कॉलेज, गिरिजाशंकर सरला देवी स्कूल और कंपोजिट विद्यालय बिहार के छात्र-छात्राएं रोज इसी मार्ग से गुज़रते हैं। सड़क पर जमा गंदा पानी और डामर रोड में बने बड़े गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं। कई लोगों के फिसलकर गिरने और चोटिल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने इसे “किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार” बताया है।
तीन महीने पहले जारी हुआ आदेश, पर ज़मीन पर ज़ीरो काम
स्थानीय लोगों ने बताया कि जलभराव को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से मौखिक शिकायत की गई। शिकायत के बाद उप जिलाधिकारी रनवीर सिंह ने क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो को पानी निकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए थे।
लेकिन लगभग तीन माह बीत जाने के बाद भी आदेश का अनुपालन नहीं हुआ। नतीजतन, गांव की स्थिति जस की तस बनी हुई है और लोग रोजाना इस समस्या का खामियाजा भुगत रहे हैं।
संक्रमण का खतरा बढ़ा, ग्रामीणों की फूटी सब्र की डोर
सड़क पर बह रहा गंदा पानी बदबू और बीमारी फैलाने का खतरा बढ़ा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द नाली निर्माण नहीं कराया गया तो संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ जाएगी।
लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी नाली व पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि मुख्य मार्ग पर जलभराव न हो और क्षेत्रवासियों का आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सके।
