पाटन (उन्नाव)। बिहार थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए सीमावर्ती इलाकों में लगाए गए कैमरे और बैरियर अब उपेक्षा के कारण बदहाल हो गए हैं। इन सुरक्षा उपकरणों का उद्देश्य था कि अपराधी वारदात कर गैर जनपद की सीमा पार न कर सकें और उनकी पहचान कर कार्यवाही की जा सके।
करीब एक वर्ष पूर्व चौकी भगवंतनगर के अंतर्गत मुनऊ खेड़ा माइनर मार्ग पर भगवंतनगर निवासी एक स्वर्णकार से लूट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को उजागर किया था। लुटेरे कीमती आभूषण लूटकर रायबरेली जिले के रसूलपुर-सरेनी की दिशा में फरार हो गए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार इस लूटकांड का आज तक खुलासा नहीं हुआ।
इसी तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तत्कालीन थानाध्यक्ष सुब्रत नारायण त्रिपाठी ने मुनऊ खेड़ा माइनर तिराहे पर बैरियर, सीसीटीवी कैमरे और पुलिसकर्मियों की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की थी। पुलिस कर्मियों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था भी की गई थी।
लेकिन वर्तमान में यह पूरी व्यवस्था जमीनी स्तर पर ध्वस्त हो चुकी है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बैरियर टूटकर बिखरा पड़ा है और सीसीटीवी कैमरा गायब है। सुरक्षा तंत्र की इस लापरवाही का फायदा उठाते हुए अब अपराधी बेखौफ इस रास्ते से शराब, गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही बैरियर और कैमरों को दोबारा स्थापित नहीं किया गया, तो क्षेत्र में कभी भी कोई गंभीर घटना दोहराई जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल बहाल करने की मांग की है।
