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पाटन, उन्नाव।भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक प्रसिद्ध तकिया मेला इन दिनों पूरे शबाब पर है। मेले के सरकारी कैंप में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत गुरुवार को रागिनी विधा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें लोक गायन की सशक्त प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर शाम तक बांधे रखा।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोकवाणी रागिनी गायक केशव कुमार एवं गायिका पूनम त्यागी ने अपनी प्रभावशाली गायकी और मंचीय प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने भक्ति गीतों के साथ-साथ देशभक्ति, लोकगीत, शेरो-शायरी और सामाजिक सरोकारों से जुड़े गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं।
रागिनी के माध्यम से प्रस्तुत “नरसी का भात” की मार्मिक कथा ने पंडाल में श्रद्धा और भावनाओं का वातावरण बना दिया, वहीं नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर आधारित देशभक्ति रागिनी ने दर्शकों में जोश और राष्ट्रप्रेम की भावना भर दी। पूरा पंडाल देशभक्ति के नारों और तालियों की गूंज से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने भ्रूण हत्या जैसे गंभीर सामाजिक विषय पर भी रागिनी के माध्यम से सशक्त संदेश दिया। इसे समाज के लिए घातक बताते हुए भ्रूण हत्या रोकने का आह्वान किया गया, जिसे दर्शकों ने गंभीरता से सुना और सराहा।
इसके अलावा “गोरी ऐ गोरी चांद चकोरी” जैसे लोकप्रिय लोकगीतों पर दर्शक झूम उठे। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल गूंजायमान हो उठा और माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। कलाकारों की भावपूर्ण गायकी और सशक्त प्रस्तुति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मेलाधिकारी/उपजिलाधिकारी रणवीर सिंह एवं तहसीलदार गणेश सिंह द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन सामाजिक सौहार्द, भाईचारे को मजबूत करने के साथ-साथ समाज को जागरूक करने का सशक्त माध्यम हैं।
कार्यक्रम के दौरान तहसीलदार गणेश सिंह द्वारा प्रस्तुत आल्हा गायन ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। उनकी ओजपूर्ण प्रस्तुति पर जमकर तालियां बजीं और कार्यक्रम में चार चांद लग गए।
इस अवसर पर मेला कार्यक्रम प्रभारी सुनील दीक्षित, विजय आमीन, अर्दली विजय सिंह, सुधीर मिश्रा, विनोद, मनोज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रीय दर्शक मौजूद रहे। देर शाम तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन से मेले का माहौल उल्लासपूर्ण और जीवंत बना रहा।
